पृथ्वी से परे
इस अध्याय के बारे में
पृथ्वी से परे कक्षा 6 जिज्ञासा का बारहवाँ अध्याय है। लद्दाख के नुब्रा में रहने वाले जुड़वाँ यांगडोल और दोरजे के माध्यम से अध्याय विद्यार्थी के सामने रात्रि-आकाश खोल देता है। यह आठ मूल विचार बनाता है — तारे और तारा-मंडल (IAU के 88 क्षेत्र, ओरायन, कैनिस मेजर में लुब्धक (सिरियस), वृष, सप्तर्षि (बिग डिपर), लिटिल डिपर, ध्रुव तारा तथा भारतीय खगोलशास्त्र के नक्षत्र जैसे आर्द्रा, कृत्तिका और रोहिणी); प्रकाश-प्रदूषण के कारण नगरों में तारे कम दिखना तथा हान्ले जैसे अँधेरे स्थलों से अधिक दिखना; सौर-परिवार जिसमें सूर्य हमारा निकटतम तारा, बढ़ती दूरी के क्रम में आठ ग्रह — बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, वरुण — तथा 2006 की IAU पुनर्परिभाषा के बाद वामन ग्रह; प्राकृतिक उपग्रह — चंद्रमा का 27-दिवसीय परिक्रमण-काल तथा भारत के चंद्रयान अभियान (चंद्रयान-3 का 23 अगस्त 2023 को दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरना, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस); क्षुद्रग्रह एवं धूमकेतु, हेली धूमकेतु (76 वर्षीय चक्र, संस्कृत में धूमकेतु); मंदाकिनी आकाश गंगा; तथा अनेक मंदाकिनियों वाला ब्रह्मांड एवं बहिर्ग्रहों की खोज। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा तथ्य-जोड़े, क्रम, पहचान तथा ISRO के अभियानों पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट इन विचारों को परीक्षा-स्तर पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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