पेपर 2 · विज्ञान · कक्षा 7

किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था कक्षा 7 जिज्ञासा का छठा अध्याय है। वेंकटेश और उसकी 12 वर्षीय ममेरी बहन देवयानी की बातचीत के माध्यम से विद्यार्थी 10 से 19 वर्ष की आयु में होने वाली द्रुत वृद्धि — किशोरावस्था — को समझते हैं। अध्याय में बाह्य परिवर्तन सम्मिलित हैं — लंबाई/कद, भार और बल में वृद्धि, लड़कों में वाक्-यंत्र (कंठमणि/एडम्स एप्पल) की वृद्धि और भारी आवाज़, बगल एवं जघन क्षेत्र में बालों का दिखना, लड़कों में चेहरे पर बाल, लड़कियों में स्तनों का विकास, तथा त्वचा के तैलीय स्रावों के कारण ऐक्नी एवं मुँहासे। आंतरिक परिवर्तनों में आर्तव चक्र (ऋतु चक्र) का प्रारंभ — सामान्यतः 28-30 दिन का अंतराल, 3 से 7 दिन तक रक्त-स्राव, और 45-55 वर्ष की आयु में स्वाभाविक समाप्ति — आता है। जो लक्षण पुरुष एवं स्त्री में भेद कराते हैं किंतु सीधे जनन में सम्मिलित नहीं होते, उन्हें द्वितीयक लैंगिक विशेषताएँ कहते हैं; जनन योग्य वयस्क बनने की अवस्था यौवनारंभ है। संवेगात्मक परिवर्तन — मनोदशा में बारंबार बदलाव, प्रबल संवेग — को संगीत, नृत्य, खेल एवं सामाजिक कार्यों में लगाया जा सकता है। आगे स्वस्थ जीवन की बातें हैं — प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, कैल्सियम, आयरन (लौह तत्व) तथा विटामिन B12 (जिसकी संरचना डोरोथी हॉजकिन ने अध्ययन की) से युक्त पौष्टिक आहार; मासिक धर्म स्वच्छता हेतु सेनेटरी पैड एवं सरकारी योजनाएँ — MHS, RKSK, सुविधा, शुचि; नियमित शारीरिक गतिविधि; सम्मानजनक ऑनलाइन व्यवहार और साइबर उत्पीड़न से बचाव; तथा तंबाकू, गुटखा, एल्कोहॉल और ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों को 'ना' कहना (नशा मुक्त भारत अभियान, सहायता सेवा 14446)। ये सब परिवर्तन हार्मोन — मस्तिष्क के संकेत पर शरीर में बनने वाले रसायन — द्वारा नियंत्रित होते हैं। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय में परिभाषाओं, आर्तव चक्र, अभावजन्य रोगों, सरकारी योजनाओं एवं संवेदनशील विषयों की शिक्षाशास्त्र पर प्रश्न करता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन विचारों को परीक्षा-स्तर पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट