कठिन

ज़मीनी लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय शासन — कठिन

15 प्रश्न 18 मिनट PYQ-स्तरीय तर्क

  1. Q1. पंचायती राज स्तरों को सबसे निचले (लोगों के निकटतम) से सबसे ऊँचे तक क्रम में रखें।

  2. Q2. विचार करें: (A) पंचायती राज स्व-शासन का रूप है। (R) यह लोगों को निर्णय में सीधे भाग लेने देता है। सही क्या है?

  3. Q3. ग्राम सभा को गाँव में आधारभूत लोकतंत्र की नींव क्यों कहा जा सकता है?

  4. Q4. यदि किसी ग्राम पंचायत की सड़क परियोजना को जिला-स्तरीय धन चाहिए, तो यह अनुरोध मुख्यतः कौन-सी संस्था ऊपर पहुँचाती है, और कैसे?

  5. Q5. पंचायत की एक-तिहाई सीटें महिलाओं हेतु आरक्षित करना मुख्यतः इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह

  6. Q6. कौटिल्य के अर्थशास्त्र में प्रत्येक 10 गाँवों हेतु एक 'संग्रहण' बनाया जाता था। यह किस आधुनिक पंचायती राज विचार के सर्वाधिक समान है?

  7. Q7. एक विद्यार्थी कहता है, 'सरपंच को राज्य सरकार नियुक्त करती है।' यह क्यों गलत है?

  8. Q8. महाराष्ट्र की बाल पंचायतों ने बच्चों को मुख्यतः कैसे विद्यालय लौटाया?

  9. Q9. कौन-सा कथन पंचायत सचिव को पटवारी से सही ढंग से अलग करता है?

  10. Q10. अध्याय कहता है कि लगभग 6,00,000 गाँव और 1.4 अरब के लगभग दो-तिहाई लोग ग्रामीण भारत में रहते हैं। यह पंचायती राज को क्यों महत्वपूर्ण बनाता है?

  11. Q11. एक खंड के अनेक ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं का समन्वय किस स्तर का कार्य है?

  12. Q12. कौन-सी स्थिति पंचायती राज में प्रत्यक्ष लोकतंत्र को सर्वोत्तम रूप से दर्शाती है?

  13. Q13. पंचायती राज संस्थाओं की संरचना और कार्य राज्यों में थोड़े भिन्न क्यों होते हैं?

  14. Q14. पंचायतों के लिए वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान देना क्यों महत्वपूर्ण है?

  15. Q15. कौटिल्य की क्रमिक संरचना (संग्रहण, कार्वटिक, द्रोणमुख, स्थानीय) भारतीय शासन के बारे में क्या सुझाती है?

आपका स्कोर और प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या यहीं तुरंत दिखाई देगी।