आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
इस अध्याय के बारे में
कक्षा 6 का यह नागरिकशास्त्र अध्याय 'आधारभूत लोकतंत्र' श्रृंखला को गाँवों से नगरों की ओर ले जाकर पूर्ण करता है। यह नगरीय परिदृश्य में सहभागी लोकतंत्र (participatory democracy) को समझाता है, जहाँ नगर बड़े और विविध होने के कारण शासन अधिक जटिल होता है। शासन-पिरामिड (चित्र 12.2) से विद्यार्थी देखते हैं कि नगरीय स्थानीय निकाय ग्रामीण पंचायती राज व्यवस्था के साथ, राज्य एवं संघ सरकार के नीचे किस प्रकार स्थित हैं। नगरों को 'वार्ड' में बाँटा जाता है, जिनकी वार्ड समिति स्वास्थ्य शिविर, प्लास्टिक-विरोधी अभियान चलाती है तथा जल-रिसाव, नाली-जाम व टूटी सड़कों की सूचना देती है। नगरीय निकाय आधारभूत ढाँचे, कूड़ा संग्रहण, कब्रगाह, कर एवं अर्थदंड का काम देखते हैं। सर्वोच्च निकाय जनसंख्या पर निर्भर है — 10 लाख से ऊपर नगर निगम (महानगर निगम), 1 से 10 लाख के बीच नगरपालिका, और उससे कम पर नगर पंचायत। सीटीईटी निकाय-प्रकार की सीमाएँ, वार्ड-कार्य, नागरिक कर्तव्य तथा मद्रास कॉरपोरेशन (1688) एवं बॉम्बे कॉरपोरेशन (1865) जैसे ऐतिहासिक तथ्य पूछती है। चार टेस्ट अभ्यास, क्विज़, कठिन एवं निपुणता क्रम में चलते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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