स्थलरूप और जीवन
इस अध्याय के बारे में
कक्षा 6 भूगोल का यह अध्याय बताता है कि पृथ्वी की सतह अनेक आकार लेती है, जिन्हें स्थलरूप (लैंडफॉर्म) कहते हैं, और मानव जीवन प्रत्येक के अनुसार स्वयं को कैसे ढालता है। इसमें तीन प्रमुख स्थलरूप — पर्वत, पठार और मैदान — तथा चौथे रूप में मरुस्थल का परिचय है। विद्यार्थी सीखते हैं कि पर्वतों का चौड़ा आधार, खड़ी ढलानें और सँकरे शिखर होते हैं, जहाँ पर्वतीय वन, मॉस और लाइकेन पाए जाते हैं; एवरेस्ट, कंचनजुंगा, अकोंकागुआ, किलिमंजारो, ब्लांक तथा अनाईमुडी जैसी चोटियाँ; और हिमालय, आल्प्स व एंडीज जैसी श्रृंखलाएँ। पठार चपटी सतह के साथ उठे होते हैं और 'खनिजों के भंडार-गृह' हैं — तिब्बत का पठार 'विश्व की छत' है, दक्कन सबसे पुराना। मैदान 300 मीटर से नीचे, उपजाऊ बाढ़-मैदान होते हैं और गंगा के मैदान जैसे क्षेत्रों में अधिकांश जनसंख्या रहती है। अध्याय तुंगता, वर्षण, वेदिका कृषि, पर्वतीय आपदाएँ, जल प्रपात, तमिल टिनै और मानव लचीलेपन को भी समेटता है। सीटीईटी परिभाषाएँ, चोटी-श्रृंखला मिलान, स्थान-तथ्य, जीवन-आजीविका संबंध तथा कारण-परिणाम तर्क पूछती है।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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