गुप्त काल — अथक सृजनशीलता का युग
इस अध्याय के बारे में
कक्षा 7 इतिहास का यह अध्याय गुप्त वंश से परिचय कराता है, जिसे प्रायः भारतीय इतिहास का 'उत्कृष्ट युग' (क्लासिकल ऐज) कहा जाता है। अध्याय गुप्तों के उदय (तीसरी शताब्दी सामान्य संवत्, वर्तमान उत्तर प्रदेश के समीप), चंद्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त एवं चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के नेतृत्व में साम्राज्य के विस्तार, तथा छठी शताब्दी सा.सं. में हूणों के आक्रमणों से हुए पतन का अनुसरण करता है। विद्यार्थी पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) को राजधानी के रूप में, दिल्ली के महरौली स्थित लौह-स्तंभ, राजकवि हरिषेण की 'प्रयाग प्रशस्ति', चीनी यात्री फ़ा-शिएन के यात्रा-वृत्तांत, तथा समकालीन वाकाटक, पल्लव और कामरूप राज्यों से परिचित होते हैं। अध्याय आर्यभट, वराहमिहिर, कालिदास की उपलब्धियों, आयुर्वेद के संकलन, एवं अजंता, सारनाथ, उदयगिरि व देवगढ़ की कला का उत्सव मनाता है। सीटीईटी इससे तिथियों, वंश-क्रम, मानचित्र पर स्थानों, प्रमुख व्यक्तियों, 'महाराजाधिराज' एवं 'चक्रवर्तीन' जैसी उपाधियों, तथा गुप्त शासन के कारण-परिणाम पूछती है। चार टेस्ट इस प्रकार हैं — अभ्यास (नाम-तिथि पुनःस्मरण), क्विज़ (अनुप्रयोग व स्रोत-पठन), कठिन (पीवाईक्यू-शैली कथन-आधारित), तथा निपुणता (पूर्ण-अध्याय मिश्रित, बिना दोहराव)।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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