पेपर 2 · सामाजिक अध्ययन · कक्षा 8

संसदीय प्रणाली — विधायिका और कार्यपालिका

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

संसदीय प्रणाली — विधायिका और कार्यपालिका कक्षा 8 की पुस्तक समाज का अध्ययन भाग 1 का छठा अध्याय है, जो 'शासन प्रणाली और लोकतंत्र' विषय के अंतर्गत आता है। यह नालंदा विद्यालय के आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा दिल्ली के नए संसद भवन की यात्रा से प्रारंभ होकर भारत की द्विसदनीय संसद की संरचना खोलता है — राष्ट्रपति, लोकसभा (हाउस ऑफ द पीपल / निम्न सदन, अधिकतम 550 सदस्य, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष निर्वाचित; 18वीं लोकसभा का गठन जून 2024 में) और राज्यसभा (कांउसिल ऑफ स्टेट्स, निर्वाचक मंडल द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव, उपराष्ट्रपति इसके सभापति)। यह स्पीकर (अध्यक्ष), चार विधायी कार्य (संवैधानिक कार्य, कानून निर्माण, कार्यपालिका संबंधी उत्तरदायित्व, वित्तीय उत्तरदायित्व), विधेयक से अधिनियम तक 8-चरणीय यात्रा को आर.टी.ई. अधिनियम 2009 (86वाँ संविधान संशोधन, 2002 / अनुच्छेद 21(क) में निहित) के उदाहरण से समझाता है। साथ ही संघीय कार्यपालिका (राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद), 1956 में लाल बहादुर शास्त्री का नैतिक उत्तरदायित्व लेकर त्यागपत्र, न्यायपालिका की संविधान-संरक्षक भूमिका, तथा राज्य स्तर पर समानांतर ढाँचा (विधानसभा, विधान परिषद, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची) पर भी चर्चा करता है। CTET पेपर 2 सामाजिक अध्ययन इस अध्याय की परीक्षा तथ्यात्मक स्मरण (लोकसभाओं की संख्या, द्विसदनीय का अर्थ, अनुच्छेद 21(क)), कारण-प्रभाव (द्विसदनीय व्यवस्था क्यों, संघवाद क्यों), धन विधेयक के नियम, प्रश्नकाल तथा कक्षा 8 के विद्यार्थियों को नागरिक शिक्षा सिखाने की शिक्षाशास्त्र पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छह विषय-समूहों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट