पेपर 2 · सामाजिक अध्ययन · कक्षा 8

मराठा साम्राज्य का उदय

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

मराठा साम्राज्य का उदय कक्षा 8 की समाज का अध्ययन — भारत और उसके आगे, भाग 1 का तीसरा अध्याय है। मराठे दक्कन पठार के मराठी-भाषी लोग हैं, जिनके भक्ति-संत — ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम, रामदास — ने वह सांस्कृतिक आधार तैयार किया जिसने आगे चलकर उन्हें राजनैतिक शक्ति के रूप में संगठित होने में सहायता की। छत्रपति शिवाजी का जन्म 1630 में भोंसले कुल में शाहजी और जीजाबाई के यहाँ हुआ; 16 वर्ष की आयु में उन्होंने पुणे के उपेक्षित दुर्गों पर अधिकार करके अपना शासन आरंभ किया, 1657 में मराठा नौसेना की स्थापना की, प्रतापगढ़ में 'वाघ-नख' से अफ़ज़ल ख़ाँ का वध किया, शाइस्ता ख़ाँ पर रात्रि-आक्रमण किया, सूरत को लूटा, पुरंदर की संधि में जय सिंह से हारे, 1666 में आगरा से टोकरियों में छिपकर भाग निकले, 1674 में रायगढ़ में राज्याभिषेक हुआ और 'राज्याभिषेक शक' संवत् आरंभ किया, 1677 में दक्षिण-दिग्विजय की और 1680 में देहावसान हुआ। उनके पश्चात संभाजी, राजाराम, ताराबाई, अहिल्याबाई होलकर और पेशवा (बाजीराव प्रथम, नानासाहेब, माधवराव प्रथम, महादजी शिंदे) ने 1818 के तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध तक अखिल भारतीय विस्तार किया। मराठा प्रशासन में अष्टप्रधान मंडल, चौथ, सरदेशमुखी, बारगीर, शिलेदार और 'आज्ञापत्र' सम्मिलित थे। CTET पेपर 2 सामाजिक अध्ययन इस अध्याय की तिथियाँ, व्यक्ति, दुर्ग, संधियाँ, कारण-परिणाम और शिक्षाशास्त्र की परीक्षा लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — छहों विषयों को CTET स्तर पर जाँचते हैं।

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