सार्वभौमिक मताधिकार और भारत की निर्वाचन प्रणाली
इस अध्याय के बारे में
सार्वभौमिक मताधिकार और भारत की निर्वाचन प्रणाली कक्षा 8 की 'समाज का अध्ययन' पुस्तक भाग 1 का पाँचवाँ अध्याय है, जो 'शासन प्रणाली और लोकतंत्र' खंड में आता है। यह अध्याय बताता है कि भारत ने आरंभ से ही सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (फ्रैंचाइज) को अपनाया — 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को एक मत देने का अधिकार, जिसका मूल्य समान है, बिना जाति, मत, नस्ल, धर्म, लिंग, शिक्षा या आय के भेदभाव के (भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326)। अध्याय में संविधान-निर्माताओं का साहसिक निर्णय (1947 में मात्र 14 प्रतिशत साक्षरता के बावजूद), 1988 में मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष करना, 2024 के लोकसभा चुनाव का पैमाना (लगभग 98 करोड़ मतदाता, 543 निर्वाचन क्षेत्र, 10 लाख से अधिक मतदान केंद्र, 84 अनुसूचित जाति व 47 अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटें), भारत निर्वाचन आयोग (ई.सी.आई.) की भूमिका (स्थापना 1950, प्रथम आम चुनाव 1951–52, संरचना में मुख्य निर्वाचन आयुक्त व दो निर्वाचन आयुक्त), आदर्श आचार संहिता (केरल 1960 में, 1991 से ई.सी.आई. सक्रिय भूमिका में), मतदान केंद्र पर चार चरणों की प्रक्रिया, ई.वी.एम., वी.वी.पी.ए.टी. व नोटा, टी.एन. शेषन के सुधार, तथा लोकसभा, राज्यसभा (अप्रत्यक्ष निर्वाचन, एकल संक्रमणीय मत प्रणाली, 245 सदस्य), राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के चुनाव सम्मिलित हैं। CTET पेपर 2 सामाजिक विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा अनुच्छेद 326, ई.सी.आई. के कार्यों, तिथियों व आरक्षित सीटों पर तथ्य-स्मरण; अप्रत्यक्ष चुनाव व 'जो सबसे आगे, वह जीता' पर कारण-परिणाम; तथा सूर्योदय विद्यालय के कक्षा-प्रतिनिधि प्रकरण पर शिक्षाशास्त्र-प्रश्नों द्वारा लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इस अध्याय को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
टेस्ट शुरू करें →