कठिन

अधिगम के उपागम (व्यवहारवाद, संज्ञानवाद, रचनावाद) — कठिन

15 प्रश्न 18 मिनट PYQ-स्तरीय तर्क

  1. Q1. कथन A: जो शिक्षार्थी अध्ययन-समय का व्यवस्थित प्रबंधन करता है और सुव्यवस्थित अध्ययन-विधियाँ अपनाता है, वह कौशल संबंधी (स्ट्रैटेजिक) उपागम का उपयोग कर रहा है। कथन B: स्ट्रैटेजिक उपागम सतही व गहन उपागमों से जन्मा एक उप-उपागम है और सत्रांत परीक्षाओं में अधिकतम अंक का लक्ष्य रखता है। सही है

  2. Q2. व्यवहारवाद का जन्म 'मनोविज्ञान के साहचर्यवादी सम्प्रदाय' से हुआ है। इस साहचर्यवादी सम्प्रदाय का मूल विश्वास है

  3. Q3. रामपुर की प्राथमिक शिक्षिका अपनी प्रशिक्षुओं को पावलव के पारिभाषिक शब्द समझा रही हैं। वह पावलव के लार-स्राव प्रयोग से अनानुबंधित उद्दीपक (unconditioned stimulus) का एक उदाहरण देना चाहती हैं। सबसे उपयुक्त उदाहरण है

  4. Q4. अभिकथन (A): स्कीनर के अनुसार 'क्रिया (operant)' किसी जीव द्वारा आस-पास के वातावरण के प्रति की गई अनुक्रिया है। तर्क (R): क्रिया-प्रसूत व्यवहार को विभेदन की प्रक्रिया द्वारा उद्दीपकों के नियंत्रण में नहीं लाया जा सकता। सही है

  5. Q5. एक प्रशिक्षु लिखती है — 'पावलव और स्कीनर एक समान हैं क्योंकि दोनों में पुनर्बलन उद्दीपक से सहसंबंधित होता है।' सबसे उपयुक्त समीक्षा है

  6. Q6. दी गई व्यवहारवाद की सीमाओं पर तीन कथन देखें — I. यह उपागम मनुष्य को एक मशीन समझता है जो कि सही नहीं है। II. यह उपागम आनुवंशिक विरासत और शारीरिक-वंशानुगत कारकों को पूरा महत्व देता है। III. क्रिया-प्रसूत पुनर्बलन प्रणाली मनुष्य में सृजनशीलता, उत्सुकता एवं सहजता को महत्व नहीं देती। इनमें से सही हैं

  7. Q7. संज्ञानात्मक उपागम अधिगम को मुख्यतः 'संज्ञानात्मक संरचना में परिवर्तन' मानता है। यह परिवर्तन सामान्यतः तीन प्रकार से होता है। ये तीन प्रकार हैं

  8. Q8. कक्षा 2 की एक छात्रा पुरुषों, स्त्रियों, पशुओं व पक्षियों में अलग-अलग श्रेणियों के रूप में भेद करना सीख गई है। शीघ्र ही वह इन सबको एक बड़े नाम 'सजीव प्राणी' से पुकारने लगती है। संज्ञानात्मक उपागम के आलोक में यह कदम सबसे उपयुक्त रूप से कहलाता है

  9. Q9. कथन A: जब बालक नए वातावरण से ऐसे निपटता है कि पहले नए को पुराने में आत्मसात करता है और फिर पुराने को नए के अनुरूप समायोजित करता है, तब पियाजे इसे अनुकूलन (adaptation) कहते हैं। कथन B: अनुकूलन एक बार होने वाली घटना है जो किसी अवस्था पर पहुँचते ही समाप्त हो जाती है। सही है

  10. Q10. पियाजे की संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाएँ, सबसे पहली से सबसे अंत तक के सही विकास-क्रम में, हैं

  11. Q11. अभिकथन (A): वायगोत्स्की के विचार को 'समाजिक-संरचनावादी (social-constructivist) उपागम' शीर्षक के अंतर्गत इसलिए रखा जाता है क्योंकि उन्होंने अधिगम पर सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य का समर्थन किया। तर्क (R): वायगोत्स्की के अनुसार बालक के लिए सामाजिक व सांस्कृतिक अंतर्क्रियाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और हर सांस्कृतिक प्रकार्य पहले सामाजिक स्तर पर, और बाद में व्यक्तिगत स्तर पर प्रकट होता है। सही है

  12. Q12. एक शिक्षक-प्रशिक्षु सहपाठी-अधिगम को नकारते हुए कहती हैं — 'अधिगम में केवल बालक का अपना मस्तिष्क मायने रखता है; सामाजिक अंतर्क्रिया कुछ नहीं जोड़ती।' सामाजिक अधिगम उपागम के आलोक में सबसे उपयुक्त समीक्षा है

  13. Q13. मास्लो की पाँच-आवश्यकता पदानुक्रम के अनुसार, पिरामिड के आधार से शीर्ष तक का सही क्रम है

  14. Q14. रामपुर की कक्षा 5 की छात्रा प्रिया अच्छे से खाती है, सुरक्षित घर में रहती है, और कक्षा में उसके अच्छे मित्र हैं; पर वह बार-बार शिक्षिका से 'स्टार स्टूडेंट' बैज माँगती है और प्रार्थना सभा में अपना नाम न पुकारे जाने पर दुखी होती है। मास्लो के पदानुक्रम के अनुसार प्रिया में अभी सक्रिय आवश्यकता है

  15. Q15. कार्ल रोजर्स के योगदान पर तीन कथन देखें — I. रोजर्स ने 'स्व', 'बनना (becoming)', 'अनुभव करना (experiencing)' तथा 'मानवतावादी उपागम के सम्प्रत्यय' को व्यक्तिनिष्ठ तथा वस्तुनिष्ठ कारकों के आधार पर वर्णित किया। II. उनके सिद्धांत की मुख्य अवधारणाएँ हैं — अनुभव-क्षेत्र, स्व-अहं-आदर्श, वास्तविक अहं, सामंजस्य (congruence), असामंजस्य (incongruence) व आत्म-साक्षात्कार। III. रोजर्स के सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति में अधिगम बाह्य वातावरण से उसकी अंतर्क्रियाओं द्वारा, उसके आंतरिक अनुभवों के आधार पर, होता है। इनमें से सही हैं

आपका स्कोर और प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या यहीं तुरंत दिखाई देगी।