अधिगम के उपागम (व्यवहारवाद, संज्ञानवाद, रचनावाद)
इस अध्याय के बारे में
अधिगम के उपागम — यह अध्याय सबसे पहले शिक्षार्थी द्वारा किसी कार्य में अपनाए जाने वाले सतही, गहन और कौशल संबंधी (स्ट्रैटेजिक) उपागमों का परिचय देता है, फिर प्राथमिक कक्षा-कक्ष को आकार देने वाले अधिगम सिद्धांत के चार प्रमुख सम्प्रदायों को विस्तार से प्रस्तुत करता है — व्यवहारवादी उपागम (पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन, स्वाभाविक, अनानुबंधित व अनुबंधित उद्दीपक, तथा सामान्यीकरण, विभेदीकरण, विलोपन व स्वतः पुनर्लाभ की प्रक्रियाएँ; स्कीनर का क्रिया प्रसूत अनुबंधन, स्कीनर बक्सा, प्रभाव नियम, सकारात्मक व नकारात्मक पुनर्बलन, अभिक्रमित अनुदेशन व शिक्षण मशीन), संज्ञानात्मक उपागम (अधिगम को संज्ञानात्मक संरचना में परिवर्तन मानना — विभेदीकरण, सामान्यीकरण व पुनर्निर्माण; पियाजे की आत्मसातीकरण, समंजन, साम्य व अनुकूलन प्रक्रियाएँ; चार अवस्थाएँ — संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त संक्रियात्मक व औपचारिक संक्रियात्मक), सामाजिक अधिगम उपागम (बंडुरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत व वायगोत्स्की का समाजिक-संरचनावादी विचार कि बालक की सांस्कृतिक विकास में प्रत्येक प्रकार्य पहले सामाजिक स्तर पर, बाद में व्यक्तिगत स्तर पर प्रकट होता है), और मानवतावादी उपागम (मास्लो की आवश्यकताओं का पदानुक्रम तथा रोजर्स का बाल-केंद्रित विचार)। CTET पेपर 1 पावलव-स्कीनर के पारिभाषिक शब्द, पियाजे की अवस्थाएँ व प्रक्रियाएँ, वायगोत्स्की का ZPD-वचन तथा मास्लो की पिरामिड — इन सब पर एकल-तथ्य व अनुप्रयोग प्रश्न नियमित रूप से पूछता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन चारों उपागमों के प्रत्येक नामित सिद्धांतकार, प्रमुख पारिभाषिक शब्द व कक्षा-कक्ष में निहितार्थ को CTET स्तर की गहराई व कठिनाई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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