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Q1. अभिकथन (A): जब दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) सदैव बराबर होते हैं।
कारण (R): दोनों कोण उसी तीसरे कोण के साथ रैखिक युग्म (linear pair) बनाते हैं और रैखिक युग्मों का योग 180° होता है।
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Q2. जब एक तिर्यक रेखा दो रेखाओं को काटती है तो बने आठ कोणों के बारे में इन कथनों पर विचार कीजिए —
I. प्रत्येक प्रतिच्छेदन पर शीर्षाभिमुख कोण (vertically opposite angles) समान होते हैं।
II. आठ कोणों की अधिकतम चार भिन्न मापें हो सकती हैं।
III. आठ कोणों की ठीक पाँच भिन्न मापें हो सकती हैं।
कौन-से सही हैं?
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Q3. आशा एक वर्गाकार कागज लेकर 4 क्षैतिज मोड़ बनाती है, हर मोड़ किसी मौजूदा पट्टी को आधा करता है। दोनों मूल क्षैतिज किनारों और सभी मोड़ रेखाओं को मिलाकर कुल कितनी समांतर रेखाएँ दिखती हैं?
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Q4. अभिकथन (A): समांतर रेखाओं के युग्म को तिर्यक रेखा से काटने पर एकांतर कोण (alternate angles) समान होते हैं।
कारण (R): कोई एकांतर कोण, शीर्षाभिमुख कोण से एक संगत कोण के बराबर होता है, और समांतर रेखाओं पर संगत कोण समान होते हैं।
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Q5. समांतर रेखाओं को तिर्यक रेखा से काटने पर बने एक ही ओर के अंतःकोणों (co-interior angles) के विषय में इन कथनों पर विचार कीजिए —
I. कोई एक ही ओर का अंतःकोण दूसरी समांतर रेखा के एक संगत कोण के बराबर होता है।
II. कोई एक ही ओर का अंतःकोण अपनी ही रेखा के संगत कोण के साथ रैखिक युग्म बनाता है।
III. अतः दोनों एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° होता है।
कौन-से सही हैं?
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Q6. चित्र 5.31 में, दो समांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। एक रेखा पर 100° का कोण है तथा तिर्यक रेखा व दूसरी रेखा के बीच 42° का कोण है, दोनों आकृति के एक ही ओर। एकांतर तथा आसन्न कोणों का प्रयोग करने पर a का मान होगा
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Q7. चित्र 5.31 (b) में दो समांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है, जो किसी एक से 62° का कोण बनाती है। कोण a, 62° के साथ एक ही ओर का अंतःकोण है। a का मान होगा
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Q8. चित्र 5.32 में दो समांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। ऊपरी प्रतिच्छेदन पर छोटा वर्ग समकोण दर्शाता है तथा 65° का कोण दिखाया गया है। नीचे के प्रतिच्छेदन पर कोण x, (90° − 65°) का एकांतर है। x का मान होगा
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Q9. चित्र 5.34 में AB || CD || EF तथा EA, AB पर लम्ब है। यदि ∠BEF = 55° हो, तो x = ∠DCE एवं y = ∠FCE के मान क्या होंगे?
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Q10. चित्र 5.35 में रेखा MN, रेखा OP के समांतर है, तथा बिंदु O पर एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा मुड़ती है। संकेत यह है कि O से MN व OP के समांतर एक रेखा खींची जाए जो ∠NOP को 56° व 52° के दो भागों में बाँटे। ∠NOP का माप होगा
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Q11. चित्र 5.29 में AB || CD तथा AD || BC, अर्थात एक समांतर चतुर्भुज है। दिया है ∠BCD = 120°। इन कथनों पर विचार कीजिए —
I. AD को AB व CD की तिर्यक रेखा मानने पर ∠DAB और ∠ADC एक ही ओर के अंतःकोण बनते हैं।
II. एकांतर कोणों की समानता से ∠DAB = 120°।
III. एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° होने से ∠DAB = 60°।
कौन-से सही हैं?
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Q12. चित्र 5.33 में दो समांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। दोनों प्रतिच्छेद बिंदुओं पर ∠ABC = 45° तथा ∠IKJ = 78° दिए गए हैं। समांतर रेखाओं पर संगत कोणों की समानता से ∠FED का मान होगा
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Q13. अभिकथन (A): लम्ब रेखाओं का प्रत्येक युग्म प्रतिच्छेदी रेखाओं का भी युग्म होता है।
कारण (R): प्रतिच्छेदी रेखाओं का प्रत्येक युग्म लम्ब रेखाओं का भी युग्म होता है।
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Q14. मीरा एक दी हुई रेखा l के बाहर बिंदु P से होकर l के समांतर रेखा खींचना चाहती है, इसके लिए वह सेट-स्क्वायर का उपयोग करती है। विचार कीजिए —
I. वह सेट-स्क्वायर को एक स्थिर रूलर के सहारे सरकाती है।
II. वह सेट-स्क्वायर की एक भुजा को पूरे समय l पर ही रखती है।
III. यह विधि इसलिए कार्य करती है क्योंकि सरकती भुजा व l के बीच के संगत कोण समान बने रहते हैं।
कौन-से सही हैं?
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Q15. चित्र 5.31 (c) में दो समांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। तिर्यक रेखा बिंदु Q पर मुड़ती है। एक समांतर पर 110° का कोण तथा मोड़ पर विपरीत ओर 35° का कोण दिखाया गया है। Q से समांतर रेखा खींचकर दूसरी समांतर पर a का मान होगा