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Q1. दो प्रतिच्छेदी सरल रेखाओं से बनने वाले दो आसन्न कोणों को कहते हैं
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Q2. चित्र 5.2 में रेखाएँ l व m एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करके कोण a, b, c, d बनाती हैं। यदि ∠a = 120° है, तो शीर्षाभिमुख कोण ∠c का माप क्या है?
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Q3. चित्र 5.3 में दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करके बिंदु के चारों ओर कोण a, b, c, d बनाती हैं। इस आकृति में रैखिक युग्मों के कितने भिन्न युग्म बनते हैं?
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Q4. किसी आकृति में लम्ब रेखाएँ सामान्यतः प्रतिच्छेद बिंदु पर कौन-सा चिह्न लगाकर दर्शाई जाती हैं?
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Q5. दो सरल रेखाएँ जो कभी नहीं मिलतीं किंतु दो अलग-अलग तलों पर हैं (उदाहरण — एक रेखा फर्श पर, दूसरी आमने-सामने न होकर दीवार पर) — ये क्या कहलाएँगी?
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Q6. चर्चित समांतर रेखाओं का उदाहरण निम्न में से कौन-सा रोज़मर्रा का वस्तु है?
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Q7. प्रिया एक आयताकार कागज लेती है। कागज के दोनों लंबे विपरीत किनारे किस संबंध में होते हैं?
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Q8. रवि एक वर्गाकार कागज लेकर उसे क्षैतिज (horizontal) रूप से एक बार मोड़ता है। नई बनी मोड़ रेखा व पहले से मौजूद दोनों क्षैतिज किनारे मिलाकर कुल कितनी समांतर रेखाएँ दिखती हैं?
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Q9. जब एक तिर्यक रेखा दो रेखाओं को काटती है तो आठ कोण बनते हैं। इन आठ कोणों में अधिकतम कितनी भिन्न (different) मापें संभव हैं?
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Q10. जब तिर्यक रेखा t चित्र 5.14 की तरह दो रेखाओं l व m को काटती है, तो बनने वाले संगत कोणों के कुल कितने युग्म होते हैं?
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Q11. एक तिर्यक रेखा t दो रेखाओं l व m को काटती है। संगत कोणों का एक युग्म समान पाया जाता है। इससे निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि
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Q12. एक तिर्यक रेखा ऐसी रेखाओं के युग्म को काटती है जो एक-दूसरे के समांतर नहीं हैं। बनने वाले संगत कोणों के बारे में कहा जा सकता है
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Q13. चित्र 5.25 में रेखाएँ l व m समांतर हैं तथा t तिर्यक रेखा है। ∠d व ∠f एकांतर कोण हैं। यदि ∠f = 120° है, तो ∠d का मान होगा
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Q14. जब एक तिर्यक रेखा समांतर रेखाओं के युग्म को प्रतिच्छेद करती है, तो तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोणों (co-interior angles) का योग सदैव होता है
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Q15. चित्र 5.28 में समांतर रेखाएँ l व m तिर्यक रेखा t द्वारा काटी गई हैं। ∠3 व ∠6 एक ही ओर के अंतःकोण हैं। यदि ∠3 = 50° हो, तो ∠6 का माप होगा