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Q1. कागज मोड़ने की स्थिति के विषय में दो कथन दिए गए हैं।
कथन I: प्रत्येक मोड़ के बाद मोटाई एक निश्चित मात्रा से बढ़ती है, अतः यह रैखिक वृद्धि दिखाती है।
कथन II: प्रत्येक मोड़ के बाद मोटाई 2 से गुणा होती है, अतः यह गुणनात्मक (चरघातांकी) वृद्धि दिखाती है।
कौन-सा सही है?
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Q2. सामग्री कहती है कि 46 बार मोड़ने के बाद कागज इतना मोटा हो जाता है कि वह चंद्रमा (पृथ्वी से ≈ 3.84 × 10^5 किलोमीटर) तक पहुँच सकता है। 0.001 सेंटीमीटर मोटाई से शुरू करने पर 46 मोड़ों के बाद मोटाई का सही चरघातांकी रूप है
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Q3. दिए गए आधार व घात के अर्थ का प्रयोग कर 7^2 × 2^3 का मान है
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Q4. 2 × 2 × a × a को चरघातांकी रूप में लिखिए। सही रूप है
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Q5. सामग्री के नियम n^a × n^b = n^(a + b) के अनुसार, निम्न में से कौन-सा 2^9 के बराबर नहीं है?
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Q6. सामग्री का नियम (n^a)^b = n^(ab)। इस नियम के अनुसार 2^10 का सही पुनर्लेखन कौन-सा है?
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Q7. सामग्री के भाग के नियम से 2^100 ÷ 2^25 का सरलतम चरघातांकी रूप है
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Q8. सामग्री के नियम m^a × n^a = (mn)^a का प्रयोग करने पर 2^5 × 5^5 का मान है
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Q9. सामग्री के घात-नियमों का प्रयोग करके 2^(−4) × 2^7 का सरलीकरण कीजिए। मान है
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Q10. ऋणात्मक घातों तक विस्तारित गुणन के नियमका प्रयोग कर 3^2 × 3^(−5) × 3^6 को सरल कीजिए। उत्तर है
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Q11. सामग्री की '4 की घात रेखा' देखते हुए मीरा कहती है — 'रेखा पर ऊपर जाते समय हर कदम 4 से गुणा करता है। अतः 4^7, 4^5 से 16 गुणा बड़ा है।' उसका कथन
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Q12. सामग्री में 561.903 जैसे दशमलव को 10 की घातों से प्रसारित रूप में लिखता है। दशमलव अंकों 9, 0, 3 (इसी क्रम में) के लिए घातें हैं
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Q13. सामग्री में बड़ी संख्याओं को वैज्ञानिक (मानक) रूप x × 10^y में लिखता है, जहाँ 1 ≤ x < 10। 20800 का मानक रूप है
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Q14. सामग्री में पृथ्वी-सूर्य दूरी 1.496 × 10^11 मीटर तथा सूर्य-शनि दूरी 1.4335 × 10^12 मीटर देता है। पृथ्वी की तुलना में शनि सूर्य से लगभग कितने गुणा दूर है?
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Q15. कक्षा 8 का एक विद्यार्थी लिखता है — '0.5 × 100 अवश्य ही 100 से छोटा होगा, क्योंकि गुणन सदा संख्या को बड़ा करता है।' सामग्री के आधार पर शिक्षक की सबसे उपयोगी प्रतिक्रिया होगी