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Q1. पाषाण-युग के मनुष्यों को गिनती की वास्तविक आवश्यकता किन रोज़मर्रा कार्यों के लिए सबसे पहले पड़ी?
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Q2. सामग्री में पापुआ न्यू गिनी के एक समुदाय का वर्णन करता है, जो उँगलियों, कलाई, कोहनी, कंधे आदि शरीर के अंगों पर एक निश्चित क्रम में इशारा करके गिनता है। शरीर-अंग विधि सबसे अच्छी तरह से समझी जाती है
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Q3. सामग्री में बकैरी (दक्षिण अमेरिका) नाम देता है — 1 = 'टोकाले' व 2 = 'अहागे'। गुमुलगल जैसे ही '2-2 की गिनती' नियम से, बकैरी में 5 का नाम होगा
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Q4. सामग्री में I, V, X, L, C, D, M को रोमन पद्धति की 'सांकेतिक संख्याएँ' (landmark numbers) कहता है। सामग्री इस शब्द का प्रयोग किस गुण के कारण करता है?
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Q5. सामग्री में मिस्र की सांकेतिक संख्याएँ 10 की घातों के रूप में देता है। सामग्री में दिखाई गई सबसे बड़ी मिस्र सांकेतिक संख्या है
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Q6. कथन I: लगभग 3000 सामान्य संवत् पूर्व की मिस्र लिखित पद्धति आधार-10 पद्धति है। कथन II: आधार-10 पद्धति को दशमलव पद्धति भी कहा जाता है। कथन III: अतः मिस्र की लिखित पद्धति दशमलव पद्धति है। सही क्या है?
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Q7. मेसोपोटामियाई सेक्साजेसिमल पद्धति एक स्थानीय (या स्थानीय-मान) संख्या पद्धति है। किसी भी स्थानीय पद्धति की मूल विशेषता क्या है?
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Q8. सामग्री में चीनी रॉड-संख्यांक पद्धति को लगभग किस काल में रखता है और उसका आधार क्या बताता है?
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Q9. सामग्री में हिंदू संख्या पद्धति का वर्णन करता है। सामग्री इसे कौन-सी विशेषताओं का संयोजन बताता है?
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Q10. सामग्री में उस यूरोपीय विद्वान का नाम बताता है जिसने लगभग 1200 सामान्य संवत् में हिंदू अंक यूरोप पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाई
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Q11. एक कक्षा 8 की अध्यापिका अपने छात्रों के लिए संख्या की ऐतिहासिक यात्रा दोहराना चाहती है। सामग्री के अनुसार सबसे विश्वसनीय पहला मूर्त चरण है
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Q12. कक्षा 8 की दो अध्यापिकाएँ 0 अंक की उपयोगिता समझाने पर चर्चा करती हैं। अध्यापिका A एक कालांश मेसोपोटामियाई खाली-स्थान भ्रम (जैसे 2 बनाम 120) पर देती हैं, फिर 0 लाती हैं। अध्यापिका B सीधे स्थानीय-मान नियम बताती हैं और 0 को स्थानपूरक के रूप में रटवाती हैं। अध्याय के अनुसार सर्वोत्तम मूल्यांकन है
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Q13. सामग्री में 11वीं शताब्दी के अबेकस का वर्णन करता है, जिसमें 10 की प्रत्येक घात के लिए एक रेखा होती है और रेखाओं पर मनके रखे जाते हैं। सामग्री के अनुसार अबेकस का शिक्षाशास्त्रीय महत्व यह है कि
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Q14. सामग्री बताती है कि आज हम जिन अंकों 0–9 का प्रयोग करते हैं, उन्हें कई ऐतिहासिक नामों से जाना जाता है। सामग्री किन तीन नामों के समूह को इन्हीं अंकों के लिए सूचीबद्ध करता है?
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Q15. एक नैदानिक परीक्षण में कक्षा 6 का छात्र '305' के बजाय '3 0 5' (3 व 5 के बीच स्पष्ट खाली स्थान) लिखता है और दोनों को एक-सा पढ़ता है। अध्याय के आधार पर अध्यापक मूल त्रुटि किसमें पहचानेगा?
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Q16. सामग्री स्वीकार करती है कि छड़ी विधि (एक गाय—एक छड़ी) सिद्धांततः असीम है — किसी भी आकार के झुंड को गिन सकती है। फिर भी सामग्री इसे बड़ी गणना के लिए असुविधाजनक कहता है। मुख्य कारण है
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Q17. सामग्री में संख्या पद्धति को गिनने के लिए प्रयुक्त सन्दर्भ-प्रतीकों (या ध्वनियों या चिह्नों) के मानक क्रम के रूप में परिभाषित करता है। इस मानक क्रम की मुख्य विशेषता क्या है?
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Q18. सामग्री कहती है कि मानव इतिहास में सबसे सामान्य गणन-समूह 2, 5, 10 व 20 रहे हैं। 5, 10 व 20 की लोकप्रियता का सबसे अच्छा शारीरिक कारण क्या है, जबकि 2 सबसे पुराना है?
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Q19. सामग्री में बुशमैन (दक्षिण अफ़्रीका) संख्या-नाम देता है — 1 = 'xa', 2 = 'toa', 3 = 'quo' — और कहता है कि वे भी 2-2 में गिनते हैं। उसी गुमुलगल-शैली नियम से बुशमैन में 6 का स्वाभाविक नाम होगा
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Q20. सामग्री के गुमुलगल 2-2 की गिनती पैटर्न में 'उरापोन' = 1 व 'उकासर' = 2 है। एक चरवाहा छह मछलियाँ इस पद्धति से गिनता है। गुमुलगल में 6 का नाम है
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Q21. सामग्री में निर्मित आधार-5 पद्धति बनाता है, जिसकी सांकेतिक संख्याएँ 1, 5, 25, 125, 625, 3125 हैं। इस पद्धति में 678 कैसे सर्वोत्तम लिखी जाएगी?
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Q22. सामग्री कहती है कि मेसोपोटामियाई पद्धति केवल दो मूल कील-चिह्न प्रयोग करती थी — 1 के लिए छोटी कील व 10 के लिए बड़ी कील — और इन्हें मिलाकर एक स्थान में 1 से 59 तक लिखती थी। इस नियम से 23 (एक स्थान में) लिखने के लिए चाहिए
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Q23. सामग्री में मायन सभ्यता को किस क्षेत्र व काल में रखता है?
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Q24. कथन I: चीनी रॉड-संख्यांक पद्धति आधार-10 व स्थानीय थी। कथन II: चीनियों के पास शुरू से ही 0 का अलग प्रतीक था। कथन III: उन्होंने आसन्न स्थानों को दृश्य रूप से अलग रखने के लिए ज़ोंग व हेंग दिशाओं को बारी-बारी से प्रयोग किया। सामग्री के अनुसार सही है
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Q25. सामग्री में 9वीं शताब्दी के दो अरब विद्वानों का नाम लेता है जिन्होंने मिलकर हिंदू अंकों को अरब जगत् में पहुँचाया। लगभग 830 सामान्य संवत् में अल-किंदी ने जो ग्रंथ लिखा, उसका अनुवादित शीर्षक है
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Q26. सामग्री बताती है कि अंक 0–9 को 'हिंदू संख्यांक' क्यों कहा जाता है, जबकि इन्हें हर धर्म के लोग प्रयोग करते हैं। सामग्री के अनुसार यहाँ 'हिंदू' शब्द किसकी ओर संकेत करता है?
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Q27. सामग्री में पियरे-साइमन लाप्लास का उद्धरण देता है, जो भारतीय आविष्कार की प्रशंसा करते हैं — 'जिसमें केवल दस प्रतीकों का उपयोग करके सभी संख्याएँ व्यक्त की जाती हैं।' लाप्लास जिस गहरी अंतर्दृष्टि की प्रशंसा कर रहे हैं वह है
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Q28. एक कक्षा 4 की अध्यापिका चार-रेखा अबेकस (1, 10, 100, 1000 के लिए एक-एक रेखा) से 'तीन सौ सात' लिखना सिखाती है। सामग्री की अबेकस-शिक्षाशास्त्र के अनुसार बच्चे मनके इस तरह रखेंगे
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Q29. अध्यापक P कक्षा 8 में केवल आधुनिक अंक 0–9 व उनकी संक्रियाएँ पढ़ाते हैं, संख्या पद्धतियों का इतिहास छोड़ देते हैं। अध्यापक Q पूरा पढ़ाते हैं — पाषाण-युग की छड़ियाँ, रोमन, आधार-n सांकेतिक संख्याएँ, मेसोपोटामियाई भ्रम, फिर हिंदू स्थानीय-मान। अध्याय की संरचना के आधार पर सर्वोत्तम मूल्यांकन है
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Q30. सामग्री में ब्राह्मी (प्राचीन भारत) से देवनागरी होते हुए आधुनिक वैश्विक 0–9 तक अंकों के आकार के विकास का चार्ट दिखाता है। एक छात्र निष्कर्ष निकालता है — 'चूँकि आकार बदले, अतः हर चरण पर स्वयं पद्धति का पुनः-आविष्कार हुआ।' सामग्री के आधार पर इस निष्कर्ष का सर्वोत्तम मूल्यांकन है