संख्याओं की कहानी
इस अध्याय के बारे में
संख्याओं की कहानी कक्षा 8 की गणित प्रकाश भाग 1 का तीसरा अध्याय है। रीमा को एक अजीब मेसोपोटामियाई संख्यांक मिलने की कहानी से अध्याय यह दिखाता है कि मनुष्य ने गिनती करना और संख्याएँ लिखना कैसे विकसित किया — पाषाण युग में छड़ियों से मिलान प्रतीक और एकैकी प्रतिचित्रण (one-to-one mapping) से, 2-2 के समूहों में गिनती (गुमुलगल, बकैरी और बुशमैन) तक, फिर रोमन सांकेतिक संख्याएँ (landmark numbers — I, V, X, L, C, D, M) तक, फिर मिस्र की आधार-10 पद्धति से आधार-n (base-n) की धारणा तक, और अंत में पूर्ण स्थानीय-मान (place value) पद्धतियों — मेसोपोटामिया की आधार-60 सेक्साजेसिमल, मायन की लगभग-आधार-20, चीनी रॉड संख्यांक, और शून्य (0) सहित हिंदू (भारतीय) दशमलव पद्धति तक। अध्याय भारत के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करता है — यजुर्वेद संहिता में 10 की घातों पर संख्या-नाम, बख्शाली पांडुलिपि (तीसरी शताब्दी सामान्य संवत्) में पहला लिखित 0, आर्यभट का आर्यभटीय (499 सामान्य संवत्), और ब्रह्मगुप्त का ब्रह्मस्फुट-सिद्धांत (628 सामान्य संवत्) जिसने 0 को संख्या के रूप में स्थापित किया। CTET पेपर 2 गणित इस अध्याय की परीक्षा सांकेतिक संख्याओं, रोमन-से-हिंदू रूपांतरण, आधार-n निरूपण, स्थानीय-मान तर्क व संख्या पद्धतियों के शिक्षाशास्त्र के प्रश्नों से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छह बड़े विचारों को CTET स्तर की गहराई व कठिनाई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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