जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
इस अध्याय के बारे में
जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा कक्षा 6 जिज्ञासा का आठवाँ अध्याय है। आवी और थिरव के अवलोकनों — शिकंजी की बर्फ, विलुप्त होते गड्ढे, ठंडे गिलास पर बूँदें, पौधों पर ओस, मटके में ठंडा होता जल — से विद्यार्थी देखते हैं कि जल तीन अवस्थाओं में पाया जाता है: ठोस (बर्फ), द्रव (जल) और गैसीय (जलवाष्प)। मुख्य विचार — बर्फ और जल एक ही पदार्थ की दो अवस्थाएँ हैं; वाष्पीकरण जल को वाष्प में और संघनन वाष्प को ठंडी सतह पर द्रव में बदलता है; तीनों अवस्थाएँ आकार, बहाव और प्रसारण में भिन्न हैं; पिघलना व हिमीकरण ऊष्मा से होते हैं; खुला क्षेत्र, ताप, वायु की गति और आर्द्रता वाष्पीकरण की गति बदलते हैं; वाष्पीकरण का शीतलन प्रभाव मटका, सुराही व पॉट-इन-पॉट कूलर को कार्य करने देता है; धूल के कणों पर संघनन से बादल बनते हैं और वर्षा, हिम या ओले के रूप में गिरते हैं; और जल चक्र महासागर, वायुमंडल व भूमि को जोड़ता है। CTET पेपर 2 विज्ञान इसकी परीक्षा परिभाषा, कारण-प्रभाव तर्क और जल-चक्र क्रम पर लेता है। चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन्हें परीक्षा-स्तर पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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