पेपर 2 · विज्ञान · कक्षा 7

प्रकृति में ऊष्मा का स्थानांतरण

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

प्रकृति में ऊष्मा का स्थानांतरण कक्षा 7 जिज्ञासा का सातवाँ अध्याय है। गंगटोक में रहने वाली पेमा एवं उसके भाई पालदेन के माध्यम से — जो सरदी की एक शाम आग जलाकर बैठे हैं और अपनी दादी माँ को धातु के बर्तन में 'थुक्पा' बनाते देख रहे हैं — विद्यार्थी उन तीन विधियों से परिचित होते हैं जिनसे ऊष्मा (heat) एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती है। अध्याय इन मूल विचारों को क्रमशः बनाता है — चालन (conduction): क्रियाकलाप 7.1, जिसमें मोम से चिपकाई गई पिनें मोमबत्ती-छोर से क्रमश: गिरती हैं तथा ऊष्मा कण-दर-कण आगे बढ़ती है; धातुएँ ऊष्मा की सुचालक हैं जबकि लकड़ी, काँच, मृदा और चीनी-मिट्टी (पॉर्सिलेन) कुचालक हैं; ऊनी कपड़े, दो पतले कंबल, खोखली ईंटें तथा उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र के घरों की लकड़ी-गोबर-मृदा वाली दीवारें हमें गरम क्यों रखती हैं; संवहन (convection): क्रियाकलाप 7.2 में मोमबत्ती के ऊपर उठने वाला कागज का कप, क्रियाकलाप 7.3 में पोटैशियम परमेंगनेट की रंगीन धारी, धूप में फूलने वाला गुब्बारा एवं ऊपर उठता अगरबत्ती का धुआँ; क्रियाकलाप 7.4 में मृदा का जल से शीघ्र गरम होना, जिससे केरल जैसे तटीय क्षेत्रों में दिन के समय समुद्र समीर और रात्रि में स्थल समीर बहती है; विकिरण (radiation): आग की गरमी और सूर्य की ऊष्मा बिना किसी माध्यम के हम तक पहुँचना, तथा गर्मियों में हल्के व सर्दियों में गहरे रंग के वस्त्र क्यों आरामदायक होते हैं; पात्र (साँसपैन) का उदाहरण जहाँ तीनों विधियाँ एक साथ कार्य करती हैं; हिमालय के ऊँचे क्षेत्रों का पारंपरिक 'बुखारी' हीटर, जिसमें तीनों विधियाँ सम्मिलित हैं; तथा जल-चक्र — सूर्य द्वारा वाष्पीकरण एवं वाष्पोत्सर्जन, बादलों में संघनन, वर्षण, मृदा-चट्टानों से अंत:स्यंदन (बजरी से शीघ्रतम, बालू से धीमे, मृदा से अत्यंत धीमे), भौम जल का जलभृतों में संचय, भौम जल का अवक्षय तथा लद्दाख का 'हिम-स्तूप' जल-संरक्षण के एक उत्तर के रूप में। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा चालन-संवहन-विकिरण के मेल, समीर की दिशा, धूम्र-संसूचक यंत्र की उपयुक्त स्थिति, लस्सी वाले गिलास के दोहरे प्रयोग, जल-चक्र की प्रक्रिया-क्रम तथा हिम-स्तूप पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन विचारों को परीक्षा-स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट