पेपर 2 · विज्ञान · कक्षा 7

समय एवं गति का मापन

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

समय एवं गति का मापन कक्षा 7 जिज्ञासा का आठवाँ अध्याय है। तीव्र धाविका प्रेरणा और ओलंपिक समय-मापन की उन्नति पर उसके विस्मय के माध्यम से अध्याय पाँच मूल विचार बनाता है। पहला, समय मापने की प्राचीन विधियाँ — धूप-घड़ी, जल-घड़ी (आर्यभट्ट द्वारा उल्लिखित घटिका-यंत्र), रेत-घड़ी, मोमबत्ती-घड़ी — और इस क्षेत्र में भारत की विरासत, जिसमें जयपुर के जंतर-मंतर का सम्राट यंत्र भी है, जिसकी छाया प्रति सेकंड लगभग 1 mm खिसकती है। दूसरा, सरल लोलक: दृढ़ आधार से धागे द्वारा लटका एक छोटा धात्विक गोलक माध्य स्थिति के इधर-उधर दो चरम स्थितियों के बीच आवर्ती दोलन-गति करता है। एक दोलन माध्य से एक चरम तक, फिर दूसरी चरम तक और वापस माध्य तक होता है। एक दोलन में लगा समय दोलनकाल (time period) कहलाता है, जो क्रियाकलाप 8.2 से लोलक की लंबाई पर निर्भर पाया जाता है किंतु गोलक के द्रव्यमान पर नहीं — यह गिरजाघर में लटके लैंप के दोलन से गैलीलियो की खोज थी। तीसरा, समय का SI मात्रक सेकंड (s) है; 60 s = 1 मिनट, 60 मिनट = 1 घंटा, और लेखन के कड़े नियम हैं (पूर्ण विराम नहीं, बहुवचन का 's' नहीं, संख्या और मात्रक के बीच एक रिक्त स्थान)। चौथा, चाल इकाई समय में चली गई दूरी की तुलना है; SI मात्रक मीटर/सेकंड (m/s) है, किलोमीटर/घंटा (km/h) में भी व्यक्त होती है; चाल = कुल दूरी / कुल समय, साथ ही दूरी = चाल × समय तथा समय = दूरी / चाल; जो परिकलित होती है वह औसत चाल है। पाँचवाँ, एकसमान रेखीय गति (सरल रेखा में नियत चाल — समान समय-अंतराल में समान दूरियाँ) बनाम असमान रेखीय गति (बदलती चाल — समान समय-अंतराल में भिन्न दूरियाँ), जिसे तालिका 8.3 की रेलगाड़ी X और Y दर्शाती हैं। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय पर लोलक के गुण (लंबाई बनाम द्रव्यमान), समय-लेखन के नियम, चाल/दूरी/समय की गणना, एकसमान-असमान पहचान तथा क्रियाकलाप 8.1-8.4 के शिक्षाशास्त्र पर परीक्षा लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन विचारों को परीक्षा-स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट