पेपर 2 · विज्ञान · कक्षा 8

विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव कक्षा 8 जिज्ञासा का चतुर्थ अध्याय है। सुमना के उत्थापक विद्युत-चुंबक के माध्यम से विद्यार्थी तीन विचार सीखते हैं। प्रथम — चुंबकीय प्रभाव — धारावाही तार के समीप दिक्सूचक सुई विक्षेपित होती है (ऑर्स्टेड, 1820); लौह-क्रोड (iron core) वाली कुंडली विद्युत-चुंबक (electromagnet) बन जाती है; प्रबलता सेलों की संख्या, फेरों एवं धारा-दिशा पर निर्भर है; क्रेनों के उत्थापक विद्युत-चुंबक इसी पर कार्य करते हैं। द्वितीय — तापीय प्रभाव — निक्रोम (nichrome) जैसे चालक में प्रतिरोध (resistance) से ऊष्मा उत्पन्न होती है; हीटर, केतली, इस्तरी, निमज्जन छड़ एवं हेयर ड्रायर में तापन अवयव (heating element) लगा है। तृतीय — बैटरी से विद्युत — वोल्टीय (गैल्वेनिक) सेल में दो भिन्न इलेक्ट्रोड विद्युत-अपघट्य (electrolyte) में डूबे रहते हैं; शुष्क सेल में जस्ते का पात्र ऋण-सिरा एवं कार्बन छड़ धन-सिरा है; पुनः आवेशनीय लीथियम-आयन बैटरियाँ पुनः उपयोग होती हैं किंतु धीरे-धीरे क्षरित होती हैं। CTET पेपर 2 विद्युत-चुंबक की प्रबलता, चुंबकीय/तापीय प्रभाव की पहचान, निक्रोम का चयन, इलेक्ट्रोड पहचान, नींबू-सेल तथा निष्क्रिय एवं पुनः आवेशनीय सेलों के विभेद पर परीक्षा लेता है। अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — चारों टेस्ट इन्हें परीक्षा-स्तर पर जाँचते हैं।

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