पेपर 2 · विज्ञान · कक्षा 8

अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँखों की क्षमता से परे

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

अदृश्य जीव-जगत कक्षा 8 जिज्ञासा का दूसरा अध्याय है। यह मानव नेत्र की सीमा से आरंभ होता है — लेंस और सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार से पहले अनेक छोटे जीव छिपे थे। 1665 में रॉबर्ट हुक ने कॉर्क देखकर 'कोशिका' शब्द दिया; ल्यूवेनहॉक ने जीवाणुओं का वर्णन किया और सूक्ष्मजैविकी के जनक कहलाए। अध्याय पाँच मूल विचार बनाता है — कोशिका जीवन की मूल इकाई है जिसमें कोशिका झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक होते हैं; पादप कोशिका में अतिरिक्त कोशिका भित्ति और हरित लवक होते हैं; संगठन के पाँच स्तर — कोशिका, ऊतक, अंग, अंग-तंत्र, जीव; सूक्ष्मजीवों का संसार — जीवाणु, कवक, शैवाल, प्रोटोजोआ — जो एककोशिकीय या बहुकोशिकीय होते हैं और गरम झरनों से लेकर आँत तक रहते हैं; और लाभदायक सूक्ष्मजीव — दही में लैक्टोबैसिलस, आटे में खमीर, फलीदार पौधों की जड़ों में राइज़ोबियम, स्पाइरुलाइना, और आनंद मोहन चक्रवर्ती का तेल-विघटक जीवाणु (पेटेंट 1980)। विषाणु अलग हैं — अकोशिकीय और केवल परपोषी कोशिका के भीतर ही गुणन करते हैं। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा कोशिका-भागों की पहचान, पादप व जंतु कोशिका का अंतर, सूक्ष्मजीवों की श्रेणियाँ और दही-आटे जैसे प्रयोग-आधारित प्रश्नों पर लेता है। नीचे — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30।

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