पेपर 2 · विज्ञान · कक्षा 8

दाब, पवन, झंझावात एवं चक्रवात

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

दाब, पवन, झंझावात एवं चक्रवात कक्षा 8 जिज्ञासा का छठवाँ अध्याय है। मेघा एवं पवन के चौड़ी तथा संकरी पट्टियों वाले बस्तों के माध्यम से विद्यार्थी सीखते हैं कि दाब (pressure) किसी पृष्ठ के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है, जिसका SI मात्रक न्यूटन/मीटर² (N/m²) है तथा इसे पास्कल (Pa) भी कहते हैं। क्रियाकलाप 6.1 में असमान व्यास वाले दो काँच के पाइप यह दिखाते हैं कि द्रव-दाब जल-स्तंभ की ऊँचाई पर निर्भर है, उसके भार पर नहीं — यही कारण है कि उपरिवर्ती जल की टंकियों को ऊँचाई पर रखा जाता है। क्रियाकलाप 6.2 में छिद्रों वाली बोतल दिखाती है कि द्रव पात्र की दीवारों पर सभी दिशाओं में दाब डालते हैं और बाँध का चौड़ा आधार तल के समीप क्षैतिज जल-दाब को सहन करता है। क्रियाकलाप 6.3 में उल्टी कागज की प्लेट तथा क्रियाकलाप 6.4 में रबड़ का चूषक (sucker) वायुमंडलीय दाब (atmospheric pressure) दर्शाते हैं — 15 cm × 15 cm क्षेत्रफल पर वायु-स्तंभ लगभग 2250 N का बल लगाता है, जो शरीर के भीतर के दाब से संतुलित होता है। क्रियाकलाप 6.5 एवं 6.6 के गुब्बारों से सिद्ध होता है कि वायु उच्च दाब से निम्न दाब क्षेत्र की ओर बहती है तथा तीव्रगामी पवन से वायुदाब घट जाता है, जिससे कमज़ोर छतें उड़ सकती हैं। तत्पश्चात झंझावात, तड़ित-झंझावात (तड़ित + गर्जन), पश्चिम बंगाल/बिहार/झारखंड के 'कालबैशाखी', असम के 'बोरदोइसिला' तथा केरल, कर्नाटक एवं तमिलनाडु की 'आम्र वर्षा' जैसे स्थानीय झंझावात, और महासागर के गरम जल पर बनने वाले चक्रवात जिनके केंद्र पर शांत 'चक्रवात अक्षि' होती है — ये सब अध्याय को पूर्ण करते हैं। वर्ष 2020 के अम्फन चक्रवात की 270 km/h चाल तथा भारतीय मौसम विभाग (IMD) की भूमिका भारतीय संदर्भ देती है। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा दाब-क्षेत्रफल तर्क, जल-स्तंभ ऊँचाई, वायुमंडलीय दाब, तीव्रगामी पवन के प्रभाव, तड़ित-सुरक्षा, तड़ित-झंझावात निर्माण-क्रम एवं चक्रवात संरचना पर लेता है। अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — चारों टेस्ट इन्हें परीक्षा-स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट