भारत की सांस्कृतिक जड़ें
इस अध्याय के बारे में
कक्षा 6 का यह अध्याय भारतीय संस्कृति को एक प्राचीन वृक्ष के रूप में चित्रित करता है, जिसकी अनेक जड़ें एक सामान्य तने को पोषण देती हैं और जिसकी शाखाएँ उसके विविध रूप हैं। यह वेदों — ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद — को भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथों के रूप में देखता है, जिन्हें ऋषियों और ऋषिकाओं द्वारा मौखिक रूप से संप्रेषित किया गया और 2008 में यूनेस्को (UNESCO) ने मान्यता दी। विद्यार्थी जनों में संगठित वैदिक समाज, यज्ञ (अनुष्ठान), उपनिषद् एवं वेदांत की ब्रह्म, आत्मन्, पुनर्जन्म व कर्म संकल्पनाओं तथा श्वेतकेतु, नचिकेता और गार्गी-याज्ञवल्क्य शास्त्रार्थ की कथाओं से परिचित होते हैं। फिर अध्याय बौद्ध मत (सिद्धार्थ गौतम, अहिंसा, संघ), जैन मत (वर्धमान महावीर, अनेकांतवाद, अपरिग्रह), चार्वाक दर्शन, तथा हिंदू परंपराओं को समृद्ध करने वाली लोक एवं जनजातीय जड़ों का परिचय देता है। सीटीईटी इससे परिभाषाएँ, प्रमुख व्यक्ति, तिथियाँ, स्रोत-पठन एवं कारण-परिणाम पूछती है। चार टेस्ट — अभ्यास, क्विज़, कठिन और निपुणता — इस सामग्री को क्रमशः गहराई से जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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