पेपर 2 · सामाजिक अध्ययन · कक्षा 7

भारत का संविधान — एक परिचय

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

'भारत का संविधान — एक परिचय' कक्षा 7 की 'समाज का अध्ययन भाग 1' का दसवाँ अध्याय है, जो 'शासन प्रणाली और लोकतंत्र' विषय के अंतर्गत आता है। अध्याय कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड से आरंभ होता है, बताता है कि संविधान की मूल प्रति संसद में हीलियम (helium) गैस से भरे काँच के डिब्बे में सुरक्षित है, और फिर समझाता है कि संविधान क्या है — एक नियम-पुस्तिका, जो सरकार के तीन अंगों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) की संरचना, उनकी संतुलन एवं नियंत्रण व्यवस्था, नागरिकों के अधिकार-कर्तव्य तथा राष्ट्र के दीर्घकालिक लक्ष्यों की रूपरेखा निर्धारित करती है। अध्याय बताता है कि संविधान सभा का गठन 1946 में हुआ — प्रारंभ में 389 सदस्य, विभाजन के बाद घटकर 299 (जिनमें 15 महिलाएँ थीं); डॉ. राजेंद्र प्रसाद इसके अध्यक्ष थे और डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष; संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। फिर अध्याय तीन प्रभावों को छूता है — स्वतंत्रता संग्राम; भारत की सभ्यता विरासत ('वसुधैव कुटुम्बकम्', मौलिक कर्तव्य); और अन्य देशों के संविधान ('स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व' फ्रांस से, राज्य के नीति-निर्देशक तत्व आयरलैंड से, स्वतंत्र न्यायपालिका अमेरिका से) — और अंत में मुख्य विशेषताएँ (मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राज्य के नीति-निर्देशक तत्व, त्रि-स्तरीय सरकार, 1992 का 73वाँ संशोधन — पंचायती राज, 1976 का 42वाँ संशोधन — 'समाजवादी' व 'पंथनिरपेक्ष' शब्द जोड़े गए) तथा उद्देशिका के सात मूल्य — संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य, न्याय-स्वतंत्रता-समानता-बंधुत्व — समझाती है। CTET पेपर 2 सामाजिक अध्ययन इस अध्याय की परीक्षा तिथियों (1946, 1949, 1950, 1976, 1992), प्रमुख व्यक्तियों (आंबेडकर, राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा, प्रेम बिहारी नारायण रायजादा, नंदलाल बोस), उद्देशिका के मुख्य शब्दों और लिए गए विचारों के स्रोत-देशों पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छह विषय-समूहों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट