भारत में औपनिवेशिक काल
इस अध्याय के बारे में
भारत में औपनिवेशिक काल कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक 'समाज का अध्ययन' का चौथा अध्याय है (विषयवस्तु B — इतिहास)। अध्याय का आरंभ विलियम डिग्बी के 1901 के उद्धरण से होता है, जिसमें बंगाल की लूट का वर्णन है। फिर उपनिवेशवाद को इस रूप में परिभाषित किया गया है — जब एक देश किसी अन्य प्रदेश पर अधिकार कर अपनी बस्तियाँ स्थापित करता है और अपना राजनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक तंत्र आरोपित करता है। अध्याय भारत में चार यूरोपीय शक्तियों का वर्णन करता है — पुर्तगाली (वास्को-डी-गामा का कप्पड़ आगमन, मई 1498; गोवा 1510; धर्म-न्यायाधिकरण 1560; उल्लाल की रानी अब्बक्का प्रथम व द्वितीय), डच (कोलाचल युद्ध 1741, राजा मार्तण्ड वर्मा), फ्रांसीसी (पांडिचेरी 1674, डुप्ले, सिपोय, कर्नाटक युद्ध 1746–1763) तथा अंग्रेज। ईस्ट इंडिया कंपनी की 'फूट डालो और राज करो' नीति, प्लासी का युद्ध 1757 (क्लाइव, मीर जाफर, सिराजुद्दौला), हड़प नीति (डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स), सहायक संधि (सब्सिडियरी अलायंस), 1770–72 का बंगाल अकाल, 1876–78 का दक्कन अकाल, भारत की संपदा का निकास (ब्रूक्स एडम्स, दादाभाई नौरोजी, आर.सी. दत्त, उत्सा पटनायक के 45 ट्रिलियन डॉलर का अनुमान), वस्त्र उद्योग का पतन, मैकॉले का 1835 का भारतीय शिक्षा पर प्रतिवेदन, ग्राम पंचायतों का विघटन, सन्न्यासी-फकीर विद्रोह, कोल जनक्रांति (1831–32), संथाल विद्रोह (1855–56), नील विद्रोह (1859–62) तथा 1857 की महान भारतीय क्रांति (मंगल पांडे, बहादुर शाह जफर, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, अवध की बेगम हजरत महल, तात्या टोपे, नाना साहेब) — इन सब का विस्तृत वर्णन है। अध्याय का समापन 1858 में ब्रिटिश राज के आरंभ से होता है। CTET पेपर 2 सामाजिक विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा तिथियों, स्थान-नामों, संधियों, कारण-प्रभाव शृंखलाओं तथा औपनिवेशिक इतिहास शिक्षण के शिक्षाशास्त्र के माध्यम से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषय-समूहों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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