पेपर 2 · सामाजिक अध्ययन · कक्षा 8

उत्पादन के कारक

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

उत्पादन के कारक कक्षा 8 की पुस्तक 'समाज का अध्ययन' का अध्याय 7 है — अर्थव्यवस्था (Economy) विषय के अंतर्गत। अध्याय रत्ना के उदाहरण से शुरू होता है, जो शहर के बाहर 'पॉज़ पॉइंट' नामक एक छोटा भोजनालय चलाती है, और इसके माध्यम से दिखाता है कि प्रत्येक व्यवसाय उत्पादन के चार कारकों — भूमि, श्रम, पूँजी और उद्यमिता — को प्रौद्योगिकी के सहयोग से जोड़ता है। 'भूमि' में केवल भूखंड नहीं बल्कि मृदा, वन, जल, वायु, सूर्य का प्रकाश, खनिज, तेल व प्राकृतिक गैस जैसे सभी प्राकृतिक संसाधन शामिल हैं। 'श्रम' शारीरिक व मानसिक योगदान है; अध्याय श्रम और मानव पूँजी में अंतर करता है — मानव पूँजी वे विशेष कौशल, ज्ञान व क्षमताएँ हैं जो श्रम की गुणवत्ता तय करती हैं। मानव पूँजी शिक्षा, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव (जापान का 'काइज़ेन', जर्मन कार्यनिष्ठा) तथा भारत की प्राचीन कौशल परंपरा (विश्वकर्मा पूजा, शिल्पशास्त्र, सिले हुए जहाज) से बनती है। पूँजी अर्थात धन व मानव-निर्मित संपत्तियाँ — व्यक्तिगत बचत, बैंक ऋण (ब्याज सहित) और शेयर बाजार (लाभांश) से जुटाई जाती है। उद्यमिता सभी कारकों को संयोजित करती है व जोखिम उठाती है; जे.आर.डी. टाटा (भारत रत्न 1992, टाटा एयरलाइन्स 1932) अध्याय का प्रमुख उदाहरण हैं। प्रौद्योगिकी (UPI, GPS, ड्रोन, SWAYAM, नेशनल करियर सर्विस) उत्पादन की सहायक है। CTET पेपर 2 सामाजिक अध्ययन इस अध्याय की परीक्षा परिभाषा, चार-कारक वर्गीकरण, मानव पूँजी बनाम भौतिक पूँजी, सीएसआर अधिनियम 2014, जनांकिकीय लाभांश (65% युवा 35 वर्ष से कम), वयस्क साक्षरता दर (85% पुरुष, 70% महिला, 2023) और आपूर्ति शृंखला (कोविड-19) पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — छहों विषयों को CTET स्तर पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट