पेपर 2 · सामाजिक अध्ययन · कक्षा 8

प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग कक्षा 8 की पुस्तक समाज का अध्ययन: भारत और उससे आगे का पहला अध्याय है, और भूगोल (भूमि एवं उसके निवासी) थीम का प्रारंभिक अध्याय है। यह इस प्रश्न से आरंभ होता है कि प्रकृति कब एक 'संसाधन' बनती है — तभी जब प्रकृति का कोई तत्व तकनीकी रूप से सुलभ हो, उसका दोहन आर्थिक रूप से व्यवहार्य हो और सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हो। फिर अध्याय प्राकृतिक संसाधनों को दो प्रकार से वर्गीकृत करता है — उपयोग के आधार पर (जीवन के लिए आवश्यक — वायु, जल, मृदा, भोजन; सामग्री के लिए — लकड़ी, संगमरमर, कोयला, सोना; ऊर्जा के लिए — कोयला, जल, खनिज तेल, सूर्य का प्रकाश, पवन) और नवीकरणीयता के आधार पर (नवीकरणीय — सौर ऊर्जा, पवन, प्रवाहित जल, सातत्य से प्रबंधित वन; अनवीकरणीय — कोयला, पेट्रोलियम, लोहा, ताँबा, सोना)। अध्याय भारत में कोयला, खनिज तेल, लौह-अयस्क एवं बॉक्साइट के असमान वितरण को मानचित्र पर दिखाता है, 'प्राकृतिक संसाधन अभिशाप' या 'प्रचुरता के विरोधाभास' की चर्चा करता है, और दायित्वपूर्ण उपयोग के साथ समाप्त होता है — पंजाब में भूजल संकट, सीमेंट-प्रदूषण का प्रकरण, 2016 में सिक्किम का सौ प्रतिशत जैविक राज्य बनना, राजस्थान का भड़ला सौर उद्यान, तथा 2015 में भारत एवं फ्रांस द्वारा शुरू किया गया अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)। CTET पेपर 2 सामाजिक अध्ययन इस अध्याय की परीक्षा परिभाषाओं, नवीकरणीय बनाम अनवीकरणीय वर्गीकरण, मानचित्र-आधारित खनिज वितरण, पंजाब प्रकरण, सिक्किम 2016, ISA 2015, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं तथा संसाधन अभिशाप के शिक्षाशास्त्र-प्रश्नों से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट