किशोरों को प्रभावित करने वाले समकालीन मुद्दे
इस अध्याय के बारे में
किशोरों को प्रभावित करने वाले समकालीन मुद्दे — यह अध्याय भारत के 'जनसांख्यिकी लाभ' (demographic dividend) के तर्क से शुरू होता है (इकोनॉमिक टाइम्स, नवम्बर 18, 2014) — किशोरों के स्वास्थ्य व शिक्षा में निवेश आज इसलिए आवश्यक है क्योंकि अवसाद, आत्महत्या, हानिकारक पदार्थों का सेवन, धमकी देना (bullying) आदि सतर्क करने वाली प्रवृत्तियाँ बढ़ रही हैं। इसके बाद यह अध्याय 11-14 आयु से आगे के किशोरों की छह समकालीन समस्याओं और विद्यालय की रोकथाम-भूमिका पर चलता है — (1) धमकी देना (bullying) — शक्ति का असंतुलन व बार-बार होने वाला आक्रामक व्यवहार, साइबर बुलिंग सहित; (2) हानिकारक पदार्थों का उपयोग और दुर्व्यवहार (substance use) — एल्कोहॉल, तम्बाकू, नशीली दवाएँ, सूई से एच.आई.वी. (HIV) का जोखिम; (3) किशोर गर्भावस्था एवं यौन संचरित संक्रमण (HPV, HIV, AIDS, हेपेटाइटिस B); (4) अवसाद (depression) और आत्महत्या — उदासी, चिड़चिड़ापन, वज़न घटना, आत्महत्या के विचार; (5) बाल अपराध (juvenile delinquency) — 18 वर्ष से कम आयु तथा रियाद दिशा-निर्देश (1990); (6) प्रेरित इन्टरनेट उपयोग (compulsive internet use) — WHO की लत (addiction) की परिभाषा। पेपर II के 11-14 आयु के अध्यापक के लिए यह अध्याय 'उपचार से रोकथाम बेहतर है' पर बल देता है — विद्यालय आत्मसम्मान, जीवन-कौशल, परामर्श, अभिभावक-सहभागिता एवं सम्मानजनक कक्षा-वातावरण से इन समस्याओं को रोक सकता है। CTET पेपर II इस अध्याय की परीक्षा परिभाषा-प्रश्नों, केस-पहचान प्रश्नों, अध्यापक-भूमिका प्रश्नों तथा रियाद दिशा-निर्देश-प्रश्नों से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET पेपर II स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
टेस्ट शुरू करें →