पेपर 2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

मीडिया के साथ बढ़ना

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

मीडिया के साथ बढ़ना वह अध्याय है जो संचार माध्यमों — टेलीविजन, फिल्म, पुस्तकें तथा कुंजीनुमा (डिजिटल) संसार — को एक गतिकीय एवं विघटनकर्ता बल के रूप में देखता है, जो आज बच्चों और किशोरों के लिए चौबीस घंटे (24x7) उपलब्ध एक 'साथी' (peer) के समान कार्य करता है तथा उनके मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक कल्याण को प्रभावित करता है। पेपर II के 11-14 आयु के अध्यापक के लिए यह अध्याय तीन बड़े विचारों पर टिका है — (1) संचार माध्यम व्यगोत्सकी के समाज-संस्कृति सिद्धांत में 'प्रधान गतिविधि' (dominant activity) तथा 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के भीतर एक आधारभूत ढाँचा (scaffolding) हैं, जिनसे बच्चा सामाजिक विश्व की समझ स्वयं बनाता है; (2) टी.वी. सीरियल, विज्ञापन और किशोरों के चित्रण द्वारा लिंग रूढ़िवादिता (gender stereotypes) की रचना — तथा उच्च-प्राथमिक कक्षा में अध्यापक की 'सामाजिक परिवर्तन के कारक' की भूमिका; (3) किशोरों पर माध्यमों का प्रभाव — काम-भावना (sex), हिंसा, शरीर-छवि, मोटापा, विद्यालय कार्य निष्पादन, साथी संस्कृति (peer culture), साइबर बुलिंग, डिजिफ्रेनिया, ऑनलाइन-वास्तविक पहचान का द्वंद्व — एवं अध्यापकों/अभिभावकों की सक्रिय भूमिका (सह-दर्शन, संवाद, समय-सीमा, 'तीसरी आँख' से अनुपस्थिति/कम ध्यान/मित्र-समूह बदलाव पहचानना)। CTET पेपर II इस अध्याय की परीक्षा सिद्धांतकार-टैग प्रश्नों (व्यगोत्सकी, ZPD, scaffolding), केस-आधारित प्रश्नों (आशी, सोनिया, रोशन, अनीता, शमा) तथा सह-दर्शन व मीडिया साक्षरता पर शिक्षाशास्त्र-प्रश्नों के माध्यम से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET पेपर II स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट