कठिन

तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा — कठिन

15 प्रश्न 18 मिनट PYQ-स्तरीय तर्क

  1. Q1. 10 से.मी., 15 से.मी. तथा 30 से.मी. लंबाइयों पर विचार कीजिए। कौन-से कथन सही हैं? I. 10 + 15 < 30, अतः सबसे बड़ी भुजा के लिए असमिका असफल है। II. 10 + 30 > 15 तथा 15 + 30 > 10 सत्य हैं, अतः त्रिभुज संभव है। III. इन तीन लंबाइयों से त्रिभुज नहीं बन सकता। कौन-से सही हैं?

  2. Q2. अभिकथन (A): तीन लंबाइयों के लिए त्रिभुज असमिका जाँचने हेतु यह देख लेना पर्याप्त है कि सबसे बड़ी लंबाई अन्य दो के योग से कम है या नहीं। कारण (R): यदि सबसे बड़ी लंबाई अन्य दो के योग से कम है, तो शेष दोनों असमिकाएँ स्वयमेव संतुष्ट हो जाती हैं।

  3. Q3. रेखाखंड AB की लंबाई 8 से.मी. है। A पर 3 से.मी. त्रिज्या तथा B पर 4 से.मी. त्रिज्या के वृत्त बनाए गए हैं। दोनों वृत्तों की स्थिति तथा त्रिभुज पर उसका अर्थ क्या होगा?

  4. Q4. कोण योग गुण की सिद्धि में, शीर्ष A से होकर BC के समांतर एक रेखा खींची जाती है। इन कथनों पर विचार कीजिए: I. समांतर रेखा के दोनों ओर A पर बने दो कोण तथा ∠BAC मिलकर एक सरल कोण बनाते हैं। II. A पर बने उन दोनों कोणों में से प्रत्येक त्रिभुज के एक अंतःकोण के बराबर है — तिर्यक रेखा पर एकांतर कोण (alternate angles) से। III. I तथा II से ∠A + ∠B + ∠C = 180° निकलता है। कौन-से सही हैं?

  5. Q5. ΔPQR में भुजा QR को S तक बढ़ाया गया है। बाह्य कोण ∠PRS का माप 130° तथा ∠PQR = 70° है। ∠QPR का माप क्या है?

  6. Q6. एक छात्र को ΔABC की रचना करनी है जिसमें AB = 5 से.मी., AC = 4 से.मी. तथा ∠A = 180° हो। क्या होगा?

  7. Q7. 6 से.मी. लंबी एक भुजा के दोनों सिरों पर 65° तथा 75° के दो कोणों से एक त्रिभुज की रचना करनी है। तीसरा कोण कितना होगा तथा कौन-सा त्रिभुज बनेगा?

  8. Q8. अभिकथन (A): प्रत्येक समबाहु त्रिभुज एक समद्विबाहु त्रिभुज भी है। कारण (R): समद्विबाहु (isosceles) त्रिभुज वह त्रिभुज है जिसकी कम-से-कम दो भुजाएँ बराबर हों।

  9. Q9. समकोण ΔPQR में समकोण Q पर है। शीर्ष P से भुजा QR पर शीर्षलंब (altitude) निम्न में से कौन-सा है?

  10. Q10. इन कथनों पर विचार कीजिए: I. एक त्रिभुज में दो समकोण नहीं हो सकते। II. एक त्रिभुज में दो अधिककोण नहीं हो सकते। III. एक त्रिभुज में एक समकोण तथा एक अधिककोण साथ-साथ हो सकते हैं। कौन-से सही हैं?

  11. Q11. तीन भुजाएँ देकर ΔABC की चाप-विधि से रचना करते समय, A तथा B से बने दोनों चाप प्रायः दो बिंदुओं C₁ (AB के ऊपर) तथा C₂ (AB के नीचे) पर प्रतिच्छेद करते हैं। सही निष्कर्ष क्या है?

  12. Q12. ΔABC में, A से होकर BC के समांतर एक रेखा ℓ खींची गई है। तिर्यक रेखा AB के अनुदिश ∠B = 65° का कोण A पर एकांतर अंतःकोण (alternate interior angle) के रूप में दिखता है। यदि ∠C = 55° हो, तो ∠BAC कितना होगा?

  13. Q13. ΔABC में भुजा BC को D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि B, C, D संरेखीय हैं। अंतःकोण ∠ACB = 72° है। दो छात्र बाह्य कोण ∠ACD अलग-अलग ढंग से निकालते हैं: रवि: ∠ACD = 180° − 72° = 108°। प्रिया: ∠ACD = 90° − 72° = 18°। कौन सही है, और क्यों?

  14. Q14. त्रिभुज असमिका के सत्य होने के कारण से जुड़े इन कथनों पर विचार कीजिए: I. तीसरा शीर्ष C, A को केंद्र मानकर b त्रिज्या तथा B को केंद्र मानकर a त्रिज्या वाले दो वृत्तों का प्रतिच्छेद बिंदु है। II. दो वृत्त दो बिंदुओं पर तभी मिलते हैं जब उनके केंद्रों के बीच की दूरी उनकी त्रिज्याओं के योग से कम हो। III. अतः ΔABC के अस्तित्व हेतु भुजा c = AB का a + b से कम होना आवश्यक है। कौन-से सही हैं?

  15. Q15. अभिकथन (A): अधिककोण त्रिभुज में, किसी न्यूनकोण-शीर्ष से सम्मुख भुजा पर खींचा गया शीर्षलंब त्रिभुज के बाहर, उस भुजा के विस्तार पर पड़ सकता है। कारण (R): किसी शीर्ष से सम्मुख भुजा को धारित रेखा पर खींचे गए लंब का पाद उस भुजा के दोनों सिरों के बीच होना आवश्यक नहीं है।

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