ताप एवं उसका मापन
इस अध्याय के बारे में
ताप एवं उसका मापन कक्षा 6 जिज्ञासा का सातवाँ अध्याय है। शिलांग में रहने वाले लांबोक और उसकी बहन फिबान की कहानी के माध्यम से विद्यार्थी जानते हैं कि स्पर्श-इंद्रिय से वस्तु के गरम या ठंडे होने का निश्चय सदैव सही नहीं हो सकता, और इसलिए तापमापी (thermometer) की आवश्यकता है। अध्याय छह मूल विचार बनाता है — किसी पिंड की गरमाहट का विश्वसनीय माप ताप (temperature); अंकीय डॉक्टरी थर्मामीटर तथा पारे वाले थर्मामीटर का सुरक्षित प्रतिस्थापन; स्वस्थ मानव का सामान्य ताप 37.0 डिग्री सेल्सियस एवं उस पर असर डालने वाले कारक; प्रयोगशाला तापमापी की संरचना — बल्ब, द्रव-स्तंभ एवं सेल्सियस स्केल (परिसर -10 से 110 डिग्री सेल्सियस); तापमापी का परिसर एवं अल्पतम मान ज्ञात करना; तथा तीन ताप-मापक्रम — सेल्सियस, फारेनहाइट और केल्विन (SI मात्रक) — और सूत्र T(K) = T(C) + 273.15। अध्याय में 'भारत की मौसम विदुषी' अन्ना मणि का परिचय भी है। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा अक्सर स्केल-मात्रक के जोड़े, सही मापन-विधि, परिसर तथा अल्पतम मान, और तुल्य-ताप परिवर्तन पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन विचारों को परीक्षा-स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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