जंतुओं में जैव प्रक्रम
इस अध्याय के बारे में
जंतुओं में जैव प्रक्रम कक्षा 7 जिज्ञासा का नौवाँ अध्याय है। कक्षा 6 के 'सजीव — विशेषताओं का अन्वेषण' में सीखे गए विचार — पोषण, श्वसन, उत्सर्जन एवं जनन को सामूहिक रूप से जैव प्रक्रम कहते हैं — पर आधार बनाकर यह अध्याय इनमें से दो प्रक्रमों — पोषण (nutrition) और श्वसन (respiration) — को विस्तार से समझाता है तथा परिसंचरण तंत्र से उनका संबंध स्पष्ट करता है। विद्यार्थी मानव आहार नाल में भोजन की यात्रा देखते हैं — मुख (दाँत भोजन कुचलते हैं, लार मंड का पाचन आरंभ करती है), ग्रासनली (लहरदार संकुचन भोजन को आमाशय तक धकेलते हैं), आमाशय (पाचक रस, अम्ल और श्लेष्मा प्रोटीन को विघटित करते हैं), क्षुद्रांत्र (लगभग 6 मीटर लंबी, यकृत से पित्तरस और अग्न्याशय से अग्न्याशयी रस प्राप्त करती है, अँगुली जैसे प्रवर्ध पोषकों का अवशोषण रक्त में करते हैं), बृहदांत्र (लगभग 1.5 मीटर, जल का अवशोषण करती है, मल बनाती है जो मलाशय में संगृहीत होता है और गुदा से बाहर निकलता है — इसी प्रक्रिया को बहि:क्षेपण कहते हैं)। विभिन्न जंतुओं में अंतर — गाय और भैंस जैसे रोमंथी जंतु आंशिक रूप से पचा भोजन पुनः मुख में लाकर रोमंथन करते हैं; पक्षी पेषणी (gizzard) में निगले गए कंकड़ की सहायता से भोजन को विघटित करते हैं। श्वसन — नासाद्वार, नासा पथ, श्वासनली, दो फेफड़े और उनकी कूपिकाएँ; डायाफ्राम तथा पसलियाँ श्वास-क्रिया चलाती हैं; चूने का पानी उच्छ्वसित वायु से दूधिया हो जाता है, जो यह संकेत करता है कि बाहर निकाली गई वायु में अधिक कार्बन डाइऑक्साइड है; श्वसन का शब्द-समीकरण ग्लूकोस + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + जल + ऊर्जा; अंत:श्वसित वायु में लगभग 21% ऑक्सीजन तथा उच्छ्वसित वायु में लगभग 16–17% ऑक्सीजन होती है। अन्य जंतु — मछली क्लोम (gills) से, मेंढक (उभयचर) फेफड़ों, त्वचा तथा (टैडपोल अवस्था में) क्लोमों से, केंचुआ नम त्वचा से श्वसन करते हैं। श्वास लेना शारीरिक प्रक्रिया है जबकि श्वसन रासायनिक प्रक्रिया है। परिसंचरण तंत्र — हृदय, रुधिर और रुधिर-वाहिकाएँ — पोषकों, ऑक्सीजन एवं अपशिष्टों का परिवहन करता है। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा आहार नाल के क्रम, रस–अंग के मेल (पित्तरस–यकृत, अग्न्याशयी रस–अग्न्याशय), पेषणी–कंकड़, रोमंथन, डायाफ्राम–पसली क्रियाविधि, चूने के पानी की जाँच एवं श्वसन-अंगों के जंतु-वार जोड़ों पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन विचारों को परीक्षा-स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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