पादपों में जैव प्रक्रम
इस अध्याय के बारे में
पादपों में जैव प्रक्रम कक्षा 7 जिज्ञासा का दसवाँ अध्याय है। भास्कर, बरखा दीदी और अन्य पात्रों के क्रियाकलापों के माध्यम से विद्यार्थी सीखते हैं कि पादप किस प्रकार वृद्धि करते हैं, भोजन प्राप्त करते हैं, जल और भोजन का परिवहन करते हैं, और श्वसन करते हैं। क्रियाकलाप 10.1 दर्शाता है कि सूर्य का प्रकाश और जल दोनों अनिवार्य हैं — सूर्य के प्रकाश में और जल सहित गमला 'क' सबसे अच्छा बढ़ता है, जबकि अँधेरे में रखा गमला 'ग' या जल-रहित गमला 'ख' विफल हो जाता है। पत्तियाँ पादपों की 'भोजन निर्माणशाला' (food factory) हैं क्योंकि उनमें हरित वर्णक पर्णहरित (chlorophyll) होता है, जो सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल की उपस्थिति में मंड (starch) बनाता है। क्रियाकलाप 10.2 में आयोडीन परीक्षण से पत्ती के हरित भाग नीले-काले हो जाते हैं, जो मंड की उपस्थिति दर्शाता है। क्रियाकलाप 10.4 में कास्टिक सोडा से सिद्ध होता है कि कार्बन डाइऑक्साइड अनिवार्य है। क्रियाकलाप 10.5 में सूर्य के प्रकाश में रखे जलीय पादप से ऑक्सीजन निर्मुक्त होती है — जलती तीली से तीव्र ज्वाला उठती है। पादप द्वारा सूर्य के प्रकाश, पर्णहरित, जल और कार्बन डाइऑक्साइड का प्रयोग कर भोजन बनाने की प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) कहलाती है: कार्बन डाइऑक्साइड + जल देता है ग्लूकोस + ऑक्सीजन। भारत के रुस्तम होरमुसजी दस्तूर (1896-1961) ने प्रकाश संश्लेषण का अध्ययन किया। पत्ती की निचली सतह पर सूक्ष्म छिद्र रंध्र (stomata) गैसों के विनिमय में सहायक हैं। तने में जल एवं खनिज दारु (xylem) द्वारा ऊपर जाते हैं; पत्तियों में निर्मित भोजन पोषवाह (phloem) द्वारा अन्य भागों में पहुँचता है (क्रियाकलाप 10.7 की लाल स्याही)। पादप के सभी भाग श्वसन करते हैं — ग्लूकोस + ऑक्सीजन देता है कार्बन डाइऑक्साइड + जल + ऊर्जा — जो क्रियाकलाप 10.8 में अंकुरित मूँग के बीजों के पास चूने का पानी दूधिया होकर सिद्ध करता है। भारतीय वैज्ञानिक कमला सोहोनी (1911-1998) ने पादप श्वसन पर कार्य किया। CTET पेपर 2 विज्ञान इस अध्याय की परीक्षा शब्द समीकरण, प्रत्येक कच्ची सामग्री की भूमिका, दारु बनाम पोषवाह, रंध्र का कार्य और क्रियाकलाप-आधारित शिक्षण की शिक्षाशास्त्र पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन विचारों को परीक्षा-स्तर पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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