इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत
इस अध्याय के बारे में
कक्षा 6 इतिहास का यह अध्याय अतीत के अध्ययन की नींव है। इसका आरंभ राष्ट्रीय संग्रहालय एवं तीन महत्वपूर्ण प्रश्नों से होता है — हम ऐतिहासिक काल की गणना कैसे करते हैं, स्रोत इतिहास समझने में कैसे सहायता करते हैं, तथा आदिमानव कैसे रहते थे। विद्यार्थी अतीत का अध्ययन करने वालों — भू-विज्ञानी, जीवाश्म विज्ञानी, मानव विज्ञानी एवं पुरातत्व विज्ञानी — से परिचित होते हैं और समय की प्रमुख इकाइयाँ सीखते हैं: ग्रेगोरियन कैलेंडर (तिथिपत्र), सा.सं. एवं सा.सं.पू. (ए.डी. व बी.सी. के स्थान पर), 'शून्य वर्ष' का अभाव, तथा सा.सं.पू.–सा.सं. के बीच वर्ष जोड़कर 1 घटाकर गणना। दशक, शताब्दी एवं सहस्राब्दी उदाहरणों सहित समझाए गए हैं। समय-रेखा (चित्र 4.3) हिम युग के अंत व पहली उपज से लेकर बुद्ध तक की घटनाओं को क्रम में रखती है। फिर अध्याय इतिहास के स्रोतों — अभिलेख, मौखिक, साहित्यिक, पुरातात्विक, कलात्मक स्रोत एवं विदेशी विवरण — को दर्शाता है और आखेटक-संग्राहक से कृषक गाँवों तक आदिमानव जीवन का अनुसरण करता है। चार टेस्ट हैं — अभ्यास (पुनःस्मरण), क्विज़ (अनुप्रयोग), कठिन (पीवाईक्यू-शैली), तथा निपुणता (पूर्ण-अध्याय मिश्रित, बिना दोहराव)।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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