भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन बनते हैं
इस अध्याय के बारे में
भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन बनते हैं — कक्षा 7 की 'समाज का अध्ययन — भारत और उसके आगे भाग 1' का आठवाँ अध्याय है, जो विषयवस्तु C — हमारी सांस्कृतिक विरासत एवं ज्ञान परंपराएँ के अंतर्गत आता है। अध्याय 'पावनता क्या है?' प्रश्न से आरंभ होता है और दिखाता है कि भारत में पावनता किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है — इसमें विशेष स्थल (अजमेर शरीफ़, तमिलनाडु का वेलंकन्नी चर्च, साँची का स्तूप, बोधगया का महाबोधि स्तूप, पटना-अमृतसर-आनंदपुर के सिख तख्त, माउंट आबू, गिरनार, शत्रुंजय), तीर्थयात्राएँ और मार्ग में पड़ने वाला संपूर्ण भूभाग सम्मिलित हैं। आगे अध्याय भारत के पावन भूभाग का मानचित्र बनाता है — चार धाम, द्वादश ज्योतिर्लिंग, 51 शक्तिपीठ, हरिद्वार-प्रयागराज-नासिक-उज्जैन में होने वाला कुंभ मेला, ऋग्वेद के 'नदी-स्तुति सूक्त' में नामित नदियाँ (गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु, कावेरी), पावन पर्वत (कैलाश, वैष्णो देवी, तिरुवन्नामलै, तिरुमला), पावन वृक्ष पीपल (Ficus religiosa), क्षेत्रीय भाषाओं में पावन उपवन (कावु, कोविलकाडु, देवराई, सरना, ओराण, देव वन), तथा ओडिशा के डोंगरिया खोंड और नीलगिरि की टोडा जनजाति की परंपराएँ। अंत में अध्याय तीर्थयात्रा का व्यापार से जुड़ाव (उत्तरापथ, दक्षिणापथ) और भारतीय उपमहाद्वीप के सांस्कृतिक एकीकरण की चर्चा करता है। CTET पेपर 2 (सामाजिक अध्ययन) इस अध्याय की परीक्षा तिथि-स्थान-व्यक्ति की तथ्य-स्मृति, तीर्थ–शरण–पावन अवशेष–तीर्थंकर–पुण्यक्षेत्र जैसे पारिभाषिक प्रश्नों, तथा 'पावन पारिस्थितिकी' के शिक्षाशास्त्र-प्रश्नों के माध्यम से करता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — अध्याय के छहों विषय-समूह को CTET स्तर पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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