पेपर 2 · सामाजिक अध्ययन · कक्षा 7

मौसम को समझना

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

मौसम को समझना कक्षा 7 की समाज का अध्ययन भाग 1 का दूसरा अध्याय है, जिससे भूगोल विषय की शुरुआत होती है। यह अध्याय मौसम (weather) को किसी समय और स्थान विशेष पर पृथ्वी की वायुमंडलीय दशा के रूप में परिभाषित करता है तथा बताता है कि लगभग सभी मौसम संबंधी घटनाएँ क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फीयर) में होती हैं — पृथ्वी की सतह से 6 से 18 किलोमीटर तक की परत। इसके बाद अध्याय मौसम के पाँच तत्व — तापमान (टेंप्रेचर), वर्षण (प्रेसिपिटेशन), वायुमंडलीय दबाव (एट्मॉस्फेरिक प्रेशर), पवन (विंड) और आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) — गिनाता है और प्रत्येक तत्व के एक-एक मापन-उपकरण पर चर्चा करता है — तापमापी, वर्षामापी, वायुदाबमापी, वात दिक्सूचक यंत्र व पवन वेगमापी, और आर्द्रतामापी। यह मौसम विज्ञान (meteorology) को मौसम के व्यवस्थित अध्ययन के रूप में प्रस्तुत करता है तथा गाँव के संकेतों (चींटियाँ, मेंढक, चीड़ के शंकु) से लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (स्थापना 1875, आदर्श वाक्य 'आदित्यात् जायते वृष्टिः') और स्वचालित मौसम केंद्र (AWS) तक — जिसमें 2023 में सिक्किम की एक हिम-झील पर लगाया गया AWS भी सम्मिलित है — पूर्वानुमान की यात्रा बताता है। CTET पेपर 2 सामाजिक अध्ययन इस अध्याय की परीक्षा तत्व-उपकरण मिलान, इकाई स्मरण (मि.बा., °C, मि.मी., कि.मी./घंटा, सापेक्षिक आर्द्रता %), IMD तथ्य, क्षोभमंडल की ऊँचाई, IMD मौसम-चेतावनी रंग-संकेत तथा पूर्वानुमान के उपयोगों पर प्रश्न पूछकर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET स्तर की गहराई और कठिनाई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट