गणित · CTET नोट्स

पूर्णांक, भिन्न और दशमलव (P2)

भिन्न, दशमलव, प्रतिशत, लाभ-हानि और ब्याज गणना — ये सभी CTET पेपर 2 गणित में सर्वाधिक परीक्षित विषय हैं। ये विषय संख्या सिद्धांत और वास्तविक जीवन के अंकगणित के बीच सेतु का काम करते हैं। प्राकृत संख्याओं में सहज बच्चे अक्सर ऋणात्मक संख्याओं, मिश्रित भिन्नों या चक्रवृद्धि ब्याज से टकराते हैं। ये विषय क्यों कठिन हैं और शिक्षण को कैसे क्रमबद्ध करें — यह जानना सूत्रों से भी अधिक महत्वपूर्ण है। यह नोट मुख्य गणितीय अवधारणाएँ और NCF 2005 एवं NCERT द्वारा अनुमोदित कक्षा रणनीतियाँ दोनों विस्तार से प्रस्तुत करता है।

-3-2-10123/4FRACTIONSp/q formDECIMALS0.75 = 3/4PERCENT75% = 3/4SI = P×R×T/100CI = P(1+R/100)^T − P

भिन्न — प्रकार, तुलना और संक्रियाएँ

भिन्न p/q एक पूर्ण के भाग को दर्शाती है जहाँ p = अंश और q = हर। उच्च प्राथमिक स्तर पर तीनों प्रकार: उचित भिन्न (p < q), अनुचित भिन्न (p ≥ q), मिश्रित संख्या।

रूपांतरण: मिश्रित a(b/c) = (ac+b)/c। संक्रियाओं से पहले अनुचित भिन्न में बदलें।

भिन्नों की तुलना: सबसे विश्वसनीय: सभी का LCM हर बनाएँ, फिर अंशों की तुलना। दो के लिए: ps > qr हो तो p/q > r/s।

कई भिन्नों की तुलना — उदाहरण: 6/7, 2(3/8), 3/14, 2(11/14)। मिश्रित को बदलें: 19/8, 39/14। LCM = 56: मान 48, 133, 12, 156। सबसे बड़ी: 39/14; सबसे छोटी: 3/14। योग = 42/14 = 3।

भिन्नों पर संक्रियाएँ:

  • जोड़/घटाव: समान हर आवश्यक; फिर केवल अंश जोड़ें/घटाएँ।
  • गुणा: अंश × अंश, हर × हर। पहले सरल करें।
  • भाग: भाजक के व्युत्क्रम से गुणा।

दशमलव और भिन्न का संबंध: प्रत्येक सांत दशमलव परिमेय है। 0.75 = 3/4। आवर्ती दशमलव भी परिमेय: 0.333… = 1/3। अनावर्ती अनंत दशमलव अपरिमेय।

प्रतिशत — रूपांतरण और अनुप्रयोग

प्रतिशत हर = 100 वाली भिन्न है। 'प्रति शत' अर्थात 'प्रति सौ।'

प्रमुख रूपांतरण:

  • भिन्न → %: 100 से गुणा। (3/4 × 100 = 75%)
  • % → भिन्न: 100 से भाग। (75% = 3/4)
  • % → दशमलव: 100 से भाग। (75% = 0.75)
  • दशमलव → %: 100 से गुणा।

याद करने योग्य मानक मान: 1/8=12.5%, 1/4=25%, 1/3≈33.33%, 1/2=50%, 3/4=75%।

किसी राशि का प्रतिशत: x% का N = (x/100)×N।

व्युत्क्रम प्रतिशत: x% वृद्धि के बाद N → मूल = N×100/(100+x)। x% कमी के बाद N → मूल = N×100/(100−x)।

प्रतिशत वृद्धि/कमी: % परिवर्तन = (परिवर्तन/मूल)×100। नोट: 25% वृद्धि फिर 20% कमी मूल पर नहीं लौटाती — आधार बदलता है।

लाभ और हानि — सूत्र और बाज़ार मूल्य

लाभ-हानि प्रतिशत के वास्तविक जीवन अनुप्रयोग हैं और CTET पेपर 2 में खूब परीक्षित हैं।

मूल सूत्र:

  • लाभ = विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य (जब SP > CP)
  • हानि = CP − SP (जब CP > SP)
  • लाभ% = (लाभ/CP)×100; हानि% = (हानि/CP)×100
  • SP = CP×(100+लाभ%)/100; SP = CP×(100−हानि%)/100

अंकित मूल्य (MP) और छूट: MP = छूट से पहले मूल्य। छूट = MP−SP। छूट% = (छूट/MP)×100।

छूट के बावजूद लाभ: उदाहरण: 12 पंखे ₹24000 में खरीदे (CP = ₹2000)। 25% अधिक अंकित: MP = ₹2500। 12% छूट: SP = ₹2200। लाभ प्रति पंखा = ₹200। 12 पंखों पर कुल लाभ = ₹2400।

महत्वपूर्ण जाल: लाभ% और हानि% सदा CP पर, SP पर नहीं।

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज

ब्याज गणना लगभग हर CTET पेपर 2 में आती है।

साधारण ब्याज (SI):
SI = P×R×T/100
मिश्रधन = P+SI = P(1+RT/100)

चक्रवृद्धि ब्याज (CI) से मूलधन निकालना: 10% वार्षिक पर 2 वर्ष में ₹3267:
P(1.1)² = 1.21P = 3267 → P = ₹2700।

चक्रवृद्धि ब्याज (CI):
A = P(1+R/100)^T
CI = A − P

अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि: A = P(1+R/200)^(2T)।

SI से दर ज्ञात करना: ₹12000 → ₹15972 (3 वर्ष, SI):
SI = 3972; R = (3972×100)/(12000×3) ≈ 11%।

SI और CI का अंतर: CI > SI (क्योंकि CI ब्याज पर भी ब्याज लगाता है)। 2 वर्षों के लिए अंतर = P(R/100)²। यह अक्सर परीक्षित सूत्र है।

पूर्णांक — संक्रियाएँ, गुण और भ्रांतियाँ

पूर्णांक संख्या रेखा को दोनों दिशाओं में विस्तारित करते हैं: …, −3, −2, −1, 0, 1, 2, 3, … कक्षा 6 में ऋणात्मक संख्याओं का परिचय स्कूली गणित की एक बड़ी वैचारिक छलाँग है।

संख्या रेखा पर जोड़-घटाव: धन जोड़ना = दाईं ओर; ऋण जोड़ना = बाईं ओर। धन घटाना = बाईं ओर; ऋण घटाना = दाईं ओर। 5−(−3) = 8।

गुणा-भाग के नियम:

  • धन × धन = धन; धन × ऋण = ऋण; ऋण × ऋण = धन।

'ऋण × ऋण = धन' बच्चों के लिए counter-intuitive। प्रतिरूप विस्तार: (−2)(−1) = 2 का पैटर्न।

पूर्णांकों के गुण: +, −, × में संवृत्त; +, × में क्रमविनिमेय; −, ÷ में नहीं; योजात्मक तत्समक = 0; गुणात्मक तत्समक = 1।

सामान्य भ्रांतियाँ: −7 > −3 (गलत: संख्या रेखा पर −7 बायीं ओर है)। −5 में ऋण चिह्न घटाने की संक्रिया समझना (गलत: यह ऋणात्मक पूर्णांक है)।

दशमलव, वैज्ञानिक संकेतन और करणी

दशमलव संख्याएँ भिन्न और वास्तविक संख्या प्रणाली के बीच सेतु हैं। उच्च प्राथमिक स्तर पर: भिन्न और दशमलव के बीच रूपांतरण, जोड़-घटाव, 10 की घातों से गुणा-भाग, और मानक रूप।

दशमलव जोड़ना-घटाना: दशमलव बिंदु को ऊर्ध्वाधर रूप में मिलाएँ। सामान्य भूल: दाईं ओर से मिलाना।

दशमलव की तुलना: दशमलव बिंदु के बाद बाएँ से दाएँ। 0.9 > 0.189 क्योंकि दशमांश स्थान पर 9 > 1। बच्चे गलती से 0.189 > 0.9 मानते हैं ('अधिक अंक = बड़ी संख्या')।

मानक रूप (वैज्ञानिक संकेतन): a×10ⁿ जहाँ 1 ≤ a < 10। उदाहरण: 12.34×10¹⁰ − 5.67×10⁸ = 1228.33×10⁸ = 1.22833×10¹¹।

करणी और दशमलव सन्निकटन: √198×√550 = √108900 = 330। √99×√363 ≈ 189.57। अतः 1/330 < 1/189.57।

दशमलव में जोड़ने वाली राशि: यदि x = 1.011+10.11−12.101+0.1011 = −0.8789, तो निकटतम पूर्ण संख्या (0) तक पहुँचने के लिए 0.8789 जोड़ना होगा।

परिमेय संख्याएँ सिखाना — रणनीतियाँ और भ्रांतियाँ

परिमेय संख्या शिक्षण गणित शिक्षा में सर्वाधिक शोधित विषयों में से एक है। CTET पेपर 2 अभ्यर्थी को गणितीय सामग्री के साथ-साथ शोध-समर्थित शिक्षण रणनीतियाँ भी समझनी हैं।

परिमेय संख्या अधिगम की पाँच कठिनतम वैचारिक छलाँगें (NCERT 2012):

  1. भाग-संपूर्ण से भागफल: 3/4 का अर्थ '3÷4' भी है — बच्चे यह संबंध नहीं बना पाते।
  2. संचालक संकल्पना: 3/4 of 12 = 9 — भिन्न एक संख्या को scale करती है।
  3. अनुपात संकल्पना: 3/4 अनुपात 3:4 — समानुपात समस्याओं के लिए आवश्यक।
  4. माप संकल्पना: 3/4 संख्या रेखा पर 0 और 1 के बीच एक बिंदु।
  5. तुल्यता: 3/4 = 6/8 = 9/12 — एक ही संख्या के अनेक रूप।

NCF 2005 द्वारा अनुमोदित कक्षा रणनीतियाँ:

  • प्रतीकात्मक संकेतन से पहले भिन्न पट्टियाँ, पैटर्न ब्लॉक और क्षेत्रफल मॉडल।
  • संख्या रेखा केंद्रीय निरूपण — पूर्णांक, भिन्न और दशमलव को एकीकृत करती है।
  • अनुमान कार्य: '7/8 + 12/13 कितने के पास है — 1, 2 या 3?' (उत्तर: 2।)
  • विभिन्न रणनीतियों को महत्व दें — केवल मानक एल्गोरिदम नहीं।

CTET परीक्षा फोकस

भिन्न, दशमलव और वाणिज्यिक गणित प्रश्न CTET पेपर 2 गणित में हर बार आते हैं।

प्रतिरूप 1 — CI से मूलधन। A = P(1+R/100)^T में A और R, T दिए हों तो P निकालें। ₹3267 = P×1.21 → P = ₹2700।

प्रतिरूप 2 — SI से दर। R = (SI×100)/(P×T)। ₹12000 → ₹15972 (3 वर्ष) → R ≈ 11%।

प्रतिरूप 3 — अंकित मूल्य और छूट से लाभ। CP → MP (% वृद्धि) → SP (% छूट) → लाभ प्रति वस्तु × संख्या = कुल लाभ।

प्रतिरूप 4 — भिन्नों की तुलना और योग। सभी को अनुचित भिन्न में बदलें, LCM हर बनाएँ, सबसे बड़ी और छोटी खोजें, योग/अंतर निकालें।

प्रतिरूप 5 — दशमलव जोड़-घटाव और पुनःस्थापना। बहु-पद दशमलव व्यंजन हल करें; लक्ष्य तक पहुँचने के लिए जोड़ने वाली राशि।

सामान्य जाल: (i) SI और CI सूत्रों की अदला-बदली। (ii) लाभ% SP पर। (iii) बड़े अंश वाली भिन्न को बड़ा मानना। (iv) प्रतिशत समस्या में गलत आधार।

अभ्यास प्रश्न

Q1. 6/7, 2(3/5), 3/8 और 2(8/15) में से सबसे बड़ी और सबसे छोटी भिन्नों का योग है:

  • 2(9/35)
  • 2(37/40)
  • 2(7/35)
  • 2(39/40)

व्याख्या: मिश्रित भिन्नें अनुचित में बदलें: 19/8, 39/14। LCM=56: 48, 133, 12, 156। सबसे बड़ी=39/14, सबसे छोटी=3/14। योग=3।

स्रोत: CTET Jul 2024 Paper 2, Q45

Q2. 10% वार्षिक ब्याज दर पर 2 वर्षों के लिए निवेश की गई एक राशि, जब ब्याज वार्षिक रूप से संयोजित होता है, ₹3,267 हो जाती है। उसी राशि पर उसी दर से उसी समय के लिए साधारण ब्याज क्या होगा?

  • ₹625
  • ₹650
  • ₹675
  • ₹700

व्याख्या: A = P(1.1)² = 1.21P = 3267 → P = ₹2700। 10% वार्षिक दर, 2 वर्ष, चक्रवृद्धि।

स्रोत: CTET Jul 2024 Paper 2, Q52

Q3. एक व्यापारी 12 पंखे ₹24,000 में खरीदता है। वह प्रत्येक पंखे को उसके क्रय मूल्य से 25% अधिक पर अंकित करता है। यदि वह सभी पंखों को अंकित मूल्य पर 10% की छूट देकर बेचता है, तो उसका कुल लाभ (₹ में) है:

  • 2700
  • 3000
  • 3200
  • 3500

व्याख्या: CP = ₹2000। MP = ₹2500। SP = ₹2200। लाभ = ₹200 × 12 = ₹2400।

स्रोत: CTET Jul 2024 Paper 2, Q55

Q4. x, y के व्युत्क्रमानुपाती है। जब x = 3.5 हो, तब y = 2.4 है। जब x = 5.6 हो, तब y का मान क्या होगा?

  • 1.4
  • 1.5
  • 2.1
  • 2.8

व्याख्या: SI = 15972−12000 = 3972। R = (3972×100)/(12000×3) ≈ 11%।

स्रोत: CTET Jan 2024 Paper 2, Q46

Q5. Rs 12,000 की राशि किसी दर पर 1.5 वर्षों में अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि से Rs 15,972 हो जाती है। वार्षिक चक्रवृद्धि से उसी राशि पर उसी दर-समय में मूलधन+ब्याज क्या होगा?

  • Rs 15,840
  • Rs 15,420
  • Rs 15,950
  • Rs 14,520

व्याख्या: SI सूत्र से दर निकालें: R = (SI×100)/(P×T)।

स्रोत: CTET Aug 2023 Paper 2, Q55