बच्चों में सृजनात्मकता का विकास
इस अध्याय के बारे में
बच्चों में सृजनात्मकता का विकास — यह अध्याय सृजनात्मकता (creativity) को नए उत्तर देने, नए संबंध स्थापित करने तथा मौलिक विचार उत्पन्न करने की क्षमता के रूप में परिभाषित करता है — यह क्षमता सभी बच्चों में पाई जाती है, परंतु भिन्न रूपों व भिन्न मात्रा में। डेविस के अनुसार, पाँच वर्ष के 90% बच्चे उच्च सृजनात्मक होते हैं, परंतु 25 वर्ष के लोगों में केवल 2% ही सृजनात्मक रहते हैं — कठोर माता-पिता, शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें व परीक्षाएँ मन की सृजनात्मकता को कंडीशनिंग द्वारा समाप्त कर देती हैं। अध्याय में दो प्रकार की सृजनात्मकता (मौखिक व गैर-मौखिक), सृजनात्मक सोच के पाँच चरण (तैयारी, केंद्रित ध्यान, समस्या से पीछे हटना/उम्बायन, फ्लैश, सत्यापन — आर्किमिडीज की यूरेका कहानी से), 4P उपागम (उत्पाद, प्रक्रिया, व्यक्ति, स्थिति/प्रेस), एलेक्स ओसबॉर्न की विचार-मंथन (माथा-पच्ची) — विचार व मूल्यांकन की दो अवस्थाएँ व चार सिद्धांत, गुण-सूची व सिनेक्टिक्स, सृजनात्मकता बढ़ाने वाले आठ प्रकार के प्रश्न (पुनः-परिभाषित, परिणाम, काल्पनिक, उत्तेजक, नए संबंध, भिन्न, चुनौतीपूर्ण मान्यताएँ, भविष्य की समस्याएँ), ICT की भूमिका तथा गिलफोर्ड-टॉरेंस के मूल्यांकन के छह घटक (प्रवाह, लचीलापन, मौलिकता, जिज्ञासा, दृढ़ता, विस्तार) सम्मिलित हैं। CTET पेपर 1 बाल विकास व शिक्षाशास्त्र इसकी परीक्षा समावेशी शिक्षा-शिक्षाशास्त्र खंड में लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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