पेपर 1 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

बच्चे को समझना

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

बच्चे को समझना — यह अध्याय समावेशी-संदर्भ में बच्चों को समझने पर केंद्रित है। यह अध्याय पेपर I के प्राथमिक शिक्षक को 6–11 वर्ष के बच्चे के व्यवहार को सही ढंग से पढ़ने का आधार देता है। यह छह विचार बनाता है — वृद्धि (मात्रात्मक, संरचनात्मक, मापनीय, परिपक्वता के साथ रुकती है) और विकास (गुणात्मक, व्यावहारिक, गर्भाशय से समाधि तक) में अंतर; वृद्धि एवं विकास के नौ सिद्धांत — प्रतिमान, शीर्षपाद-पुच्छीय एवं Proximodistal दिशा, सतत् विकास, असमान दर, वैयक्तिक भिन्नता, सामान्य से विशिष्ट प्रतिक्रिया, एकीकरण, अंत:संबंध और भविष्यवाणी; वृद्धि, परिपक्वता (maturation) और अधिगम (learning) का संबंध; आंतरिक कारक (आनुवंशिकता, जैविक संरचना, बुद्धि, भावात्मक, सामाजिक प्रकृति) और बाह्य कारक (गर्भाशयी वातावरण, दुर्घटनाएँ, भौतिक एवं चिकित्सकीय देखभाल, सामाजिक-सांस्कृतिक स्थितियाँ, विद्यालय, सहपाठी समूह, शासन); चार स्तर — शैशवावस्था (जन्म–2), प्रारंभिक बचपन (2–6), बाद का बचपन (6–12, 'गैंग एज') और किशोरावस्था (12–19) — के शारीरिक, भाषा, बौद्धिक, भावात्मक, सामाजिक एवं नैतिक लक्षण; तथा बच्चे के विकासात्मक स्तर के अनुरूप शिक्षण करने में शिक्षक की भूमिका। CTET पेपर I इस अध्याय की परीक्षा वृद्धि-विकास के अंतर, सिद्धांतों, स्तर लक्षणों, 'गैंग एज' संकल्पना के सीधे स्मरण-प्रश्नों तथा वैयक्तिक भिन्नता एवं समरस विकास पर अनुप्रयोग-प्रश्नों से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विषयों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट