पेपर 2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

किशोरों में सृजनात्मकता का विकास

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

किशोरों में सृजनात्मकता का विकास वह अध्याय है जिससे CTET सीडीपी (CDP) पेपर के समावेशी-शिक्षा (inclusive education) भाग के प्रश्न आते हैं। यह सृजनात्मकता को नए उत्तर देने, नए सम्बन्ध बनाने और मौलिकता (originality) से समस्या-समाधान की क्षमता बताता है तथा इसे नकल और रटंत-अधिगम के बिल्कुल विपरीत रखता है। यह सृजनात्मक सोच के पाँच चरण — तैयारी, केंद्रित ध्यान, समस्या से पीछे हटना (उष्मायन/incubation), फ्लैश व सत्यापन — आर्किमिडीज़ की कहानी से समझाता है, और मनोवैज्ञानिकों के 4P उपागम (उत्पाद, प्रक्रिया, व्यक्ति व स्थिति/press) गिनाता है। कक्षा VI–VIII पढ़ाने वाले अध्यापक के लिए यह अध्याय कक्षा-रणनीतियों पर ज़ोर देता है — विचार मंथन (एलेक्स ऑसबर्न के चार ideation नियम), गुणों की सूची व परिवर्तन, भिन्न (divergent) व उद्वेलक प्रश्न, रहस्य-कथानक, परिणाम-स्थितियाँ, कहानी व कविता-लेखन, ICT उपकरण — और साथ में गिल्फ़र्ड व टॉरेंस की छह सृजनात्मक क्षमताएँ (धाराप्रवाह, लचीलापन, मौलिकता, जिज्ञासा, सहनशीलता, विस्तार) जिन पर भारत में पासी का सृजनात्मकता परीक्षण आधारित है। CTET पेपर 2 में परिभाषाएँ, 4P नाम, पाँच चरण, तकनीकों के नाम और शिक्षक-व्यवहार पर शिक्षाशास्त्र (pedagogy) के प्रश्न पूछे जाते हैं। अभ्यास 15 + क्विज़ 15 + कठिन 15 + निपुणता 30 इन सभी को CTET स्तर पर जाँचते हैं।

इस अध्याय के टेस्ट