शिक्षा में लैंगिक मुद्दे
इस अध्याय के बारे में
शिक्षा में लैंगिक मुद्दे अध्याय पहले लिंग (sex) — जैविक, प्रकृति-प्रदत्त, स्थिर व अस्तरीय तथ्य (XX व XY गुणसूत्र, गर्भाशय, प्रोस्टेट, आवाज़, मासिक चक्र) — और जेन्डर/लैंगिक (gender) — समाज-निर्मित, परिवर्तनशील, स्तरीय भूमिकाओं व अपेक्षाओं (लड़के साहसी व धनोपार्जक, लड़कियाँ कोमल व गृहिणी) — के बीच स्पष्ट रेखा खींचता है। फिर यह लैंगिक भेदभाव (sexism) का विचार बनाता है — लड़कियों व स्त्रियों से चुनाव की स्वतंत्रता छीनना, जो जन्म से पहले (कन्या भ्रूण-हत्या) शुरू होकर पोषण, शिक्षा, संपत्ति, श्रम की उपेक्षा से होते हुए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा दर्ज अत्याचारों तक पहुँचता है। कारण — धर्म व परंपरा, 200 ईसा पूर्व की मनु स्मृति, पितृसत्ता, लिंग-रूढ़िवादिता, अभिभावकीय परवरिश व पाठ्यपुस्तकें। स्थिति-संकेतक संख्याओं में दिए गए हैं — 2011 जनगणना में लिंगानुपात 940 व बाल लिंगानुपात 914, 2000 में स्त्री साक्षरता 46.4 प्रतिशत बनाम पुरुष 69 प्रतिशत, स्त्रियाँ कुल अवैतनिक श्रम का 2/3 भाग करती हैं, विवाह की कानूनी न्यूनतम आयु 18 वर्ष का मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल व उत्तर प्रदेश में नियमित उल्लंघन। यह अध्याय 11-14 वर्ष की उच्च प्राथमिक कक्षा (Classes VI-VIII) में लैंगिक-न्यायपूर्ण कक्षा बनाने में अध्यापक की भूमिका पर समाप्त होता है — लिंग-तटस्थ भाषा, मिश्रित बैठक व समूह-कार्य, लड़के-लड़की से समान अपेक्षाएँ, लिंग-आधारित कार्य-वितरण नहीं, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) का पालन। CTET पेपर 2 इस अध्याय को परिभाषा-प्रश्नों (लिंग बनाम जेन्डर, समता बनाम समानता), कक्षा-पूर्वाग्रह की पहचान, अध्यापक की भूमिका, आँकड़ा-स्मरण व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के माध्यम से जाँचता है। चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — छहों विषयों को CTET स्तर की गहराई पर परखते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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