नव-आरंभ — नगर एवं राज्य
इस अध्याय के बारे में
नव-आरंभ — नगर एवं राज्य कक्षा 7 की समाज का अध्ययन भाग 1 का चौथा अध्याय है, जो इतिहास विषय (History) के अंतर्गत आता है। यह अध्याय प्रथम सहस्राब्दी सामान्य संवत् पूर्व (सा.सं.पू.) में हुए भारत के 'द्वितीय नगरीकरण' की कहानी कहता है। हड़प्पा या सिंधु-सरस्वती सभ्यता के विघटन के पश्चात लगभग एक सहस्राब्दी तक भारत से नगरीय जीवन लुप्तप्राय रहा। फिर जैसे-जैसे लोग कुलों एवं वंशों के रूप में संगठित होकर एक नियत भूभाग — जनपद (Sanskrit अर्थ — 'जहाँ जन ने पद रखे हों') — से जुड़ने लगे, और व्यापारिक मार्गों का विस्तार हुआ, वैसे-वैसे 8वीं–7वीं शताब्दी सा.सं.पू. तक 16 बड़े राज्य उभरे, जिन्हें 'महाजनपद' कहा गया। ये उत्तर-पश्चिम में गांधार से लेकर पूर्व में अंग तक तथा मध्य भारत में अश्मक (गोदावरी के निकट) तक विस्तृत थे। अध्याय में चार सर्वाधिक शक्तिशाली महाजनपद — मगध, कोसल, वत्स एवं अवंति — उनकी सुदृढ़ प्राचीरों (दुर्ग) व परिखा (खाई / moat) से युक्त राजधानियाँ, सभा-समिति परिषद, वज्जि (वृज्जि) तथा मल्ल जैसे गण-संघ या 'प्रारंभिक गणराज्य' (early republics), लौह धातुकर्म व चाँदी के 'आहत सिक्के' (punch-marked coins), वर्ण-जाति व्यवस्था तथा उत्तरापथ एवं दक्षिणापथ व्यापार मार्गों का विस्तार से वर्णन है। CTET पेपर 2 सामाजिक अध्ययन इस अध्याय की परीक्षा तिथियों, राजधानी-राज्य मिलान, शासन-तंत्र शब्दावली और कारण-प्रभाव सम्बन्धों पर लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन सभी पहलुओं को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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