समाजीकरण के अभिकरण
इस अध्याय के बारे में
यह अध्याय बताता है कि एक बच्चा जैविक प्राणी से सामाजिक प्राणी कैसे बनता है। समाजीकरण (socialization) को 'गर्भ से कब्र तक' चलने वाली आजीवन प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है और इसे तीन स्तरों पर देखा गया है — सूक्ष्म स्तर (परिवार, सम-समूह, आस-पड़ोस), मध्य स्तर (विद्यालय, धर्म, सामाजिक वर्ग) और बृहत् स्तर (वैश्विक समुदाय, जन संचार माध्यम, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सामाजिक संजाल)। यह अध्याय समझाता है कि परिवार सबसे पहला और सबसे स्थायी अभिकरण है, किशोरावस्था में सम-समूह का प्रभाव तेज़ी से बढ़ता है, विद्यालय औपचारिक पाठ्यचर्या और अप्रत्यक्ष पाठ्यचर्या (hidden curriculum) दोनों के माध्यम से कार्य करता है, और अध्यापक परिवर्तन के सक्रिय अभिकर्ता की भूमिका निभाता है। प्रत्येक स्तर पर लिंग-सामाजीकरण की भी चर्चा है। CTET पेपर 1 के लिए यह अध्याय पाठ्यक्रम के 'सामाजीकरण प्रक्रिया' उप-शीर्षक को पोषित करता है और परिवार, सम-समूह, विद्यालय, अप्रत्यक्ष पाठ्यचर्या, मीडिया तथा लिंग-भूमिकाओं पर लगातार प्रश्न देता है। चार टेस्ट इस प्रकार हैं — अभ्यास: परिभाषाएँ व नामांकित अभिकरण; क्विज़: कक्षा-अनुप्रयोग; कठिन: PYQ शैली के कथन व अभिकथन प्रश्न; प्रवीणता: पूरा मिश्रित पेपर।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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