किशोरों को प्रभावित करने वाले समकालीन मुद्दे
इस अध्याय के बारे में
किशोरों को प्रभावित करने वाले समकालीन मुद्दे — यह अध्याय भारत में किशोरों के सामने आने वाली छह प्रमुख समस्याओं और हर समस्या में विद्यालय की भूमिका का विवरण देता है। यह धमकी देना (bullying) को शक्ति के असंतुलन सहित बार-बार दोहराई जाने वाली आक्रामक क्रिया (साइबर धमकी सहित) के रूप में परिभाषित करता है; हानिकारक पदार्थों का उपयोग व दुर्व्यवहार — शराब, तम्बाकू, खाँसी की दवा, गोंद, नशीली दवाएँ; किशोर गर्भावस्था व यौन-संचरित संक्रमण (एच.आई.वी. सहित); अवसाद और आत्महत्या — उदासी, चिड़चिड़ाहट, भूख व वज़न में कमी, थकान, अयोग्यता का भाव, आत्महत्या के विचार जैसे लक्षण; बाल-अपचारिता — रियाध मार्गदर्शी सिद्धान्त 1990 के संदर्भ में; और प्रेरित (compulsive) इन्टरनेट उपयोग जो व्यवहार संबंधी लत बन जाता है — इन्हें विस्तार से बताता है। अध्याय का मूल संदेश है — 'उपचार से रोकथाम बेहतर है'। CTET पेपर 1 इससे परिभाषा, कारण-परिणाम, अध्यापक की भूमिका और रियाध मार्गदर्शी सिद्धान्त संबंधी प्रश्न पूछता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों मुद्दों को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
टेस्ट शुरू करें →