पेपर 1 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

किशोरों के लिए जीवन कौशल शिक्षा

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

किशोरों के लिए जीवन कौशल शिक्षा — यह अध्याय जीवन कौशल को ऐसी मनोसामाजिक और अंतर्वैयक्तिक सक्षमताओं — आदतों के समूह — के रूप में परिभाषित करता है जो किशोरों को प्रतिदिन की समस्याओं का सकारात्मक अभिवृत्ति (positive attitude) के साथ सामना करने और स्वस्थ, उत्पादनशील जीवन जीने में सहायता देती हैं। अध्याय बताता है कि किशोरावस्था — जिसमें शारीरिक वृद्धि की तेज़ गति, हार्मोन परिवर्तन, लड़कियों में मेनार्क (menarche) तथा लड़कों में स्पर्मार्क (spermarche), मनोदशा का बदलाव, साथी दबाव तथा धूम्रपान, नशीली दवाएँ, लड़ाई और असुरक्षित यौन संबंध जैसे जोखिम भरे व्यवहारों का सामना होता है — वह क्रांतिक अवस्था है जिसमें जीवन कौशल पढ़ाए जाने चाहिए। फिर यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा दिए दस कोर जीवन कौशलों को तीन परिवारों में बाँटता है — (i) स्वयं-समझ और स्वप्रबंधन (आत्म-सम्मान, स्वजागरूकता, दृढ़निश्चयता, तनाव का सामना, संवेगों का सामना); (ii) दूसरों को जानने व उनके साथ रहने का कौशल (प्रभावी सम्प्रेषण, अंतर्वैयक्तिक संबंध, अनुभूति, संघर्ष समाधान); (iii) समस्याओं व मुद्दों के निपटान के कौशल (क्रांतिक सोच, सृजनात्मक सोच, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या समाधान)। यह भी बताता है कि CBSE ने 2003-04 से जीवन कौशल शिक्षा लागू की और UNESCO राज्य सरकारों के साथ संचार-समावेशन (infusion) व प्रत्यक्ष (direct) दो उपायों से कार्य करता है। CTET पेपर I इसकी परीक्षा परिभाषा-स्तर की स्मरण, WHO-सूची, प्रत्येक कौशल के कक्षा-प्रयोग, RTE से जुड़े अध्यापक-भूमिका तथा निर्णय व समस्या समाधान चरण-प्रश्नों से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — तीनों परिवारों को CTET स्तर पर जाँचते हैं।

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