पेपर 1 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

बच्चों और किशोरों के अध्ययन की विधियाँ

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

बच्चों और किशोरों के अध्ययन की विधियाँ — यह अध्याय प्राथमिक अध्यापक को सिखाता है कि अपनी ही कक्षा का अनुसंधान कैसे करे — कक्षा 3 की प्रिया प्रश्न हल करना क्यों छोड़ देती है, ग्रामीण विद्यालय का नवीन भिन्न व्यवहार क्यों करता है, कुछ बच्चे ध्यान क्यों नहीं देते। यह अध्याय छह विचार बनाता है — (क) कक्षाकक्ष अनुसंधान की आवश्यकता — विद्यार्थी-केन्द्रित, अध्यापक-निर्देशित, संदर्भ-विशिष्ट, व्यावहारिक एवं प्रासंगिक खोज; (ख) क्रियात्मक अनुसंधान — कर्ट लेविन ने 1946 में पहली बार प्रयोग किया, 'करके सीखना' का चक्र — समस्या-पहचान से समीक्षा तक आठ चरण; (ग) केस स्टडी — एक बच्चे का गहन अध्ययन जिसमें पारिवारिक पृष्ठभूमि, स्वास्थ्य, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक आँकड़े समाहित होते हैं; (घ) अनुसंधान के सात उपकरण — अवलोकन (नियंत्रित / प्राकृतिक / प्रतिभागी), स्व-रिपोर्ट (प्रश्नावली व तीन प्रकार के साक्षात्कार), बच्चों के साथ अन्तःक्रिया, बच्चों की डायरी, संचयी रिकार्ड, उपाख्यानात्मक रिकार्ड, चिंतनशील पत्रिकाएँ; (ङ) प्रभावी शिक्षक-शिक्षार्थी अन्तःक्रिया (संवेदनात्मक समर्थन, कक्षाकक्ष संगठन, निर्देशात्मक समर्थन); और (च) कक्षाकक्ष की सामान्य समस्याएँ और निहितार्थ। CTET पेपर 1 CDP इसकी परीक्षा परिभाषा-स्मरण, उपकरण-पहचान परिदृश्य, क्रियात्मक अनुसंधान के चरणों के क्रम तथा 'कौन सी विधि किस समस्या के लिए उपयुक्त है' जैसे शिक्षाशास्त्र-प्रश्नों से करता है। चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन छहों विचारों को CTET गहराई पर जाँचते हैं।

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