बाल विकास के विविध परिप्रेक्ष्य
इस अध्याय के बारे में
बाल विकास के विविध परिप्रेक्ष्य — यह अध्याय उन पाँच प्रमुख दृष्टिकोणों का परिचय देता है जिनके माध्यम से विकासात्मक मनोवैज्ञानिक यह अध्ययन करते हैं कि बच्चा शैशवावस्था से किशोरावस्था तक कैसे बढ़ता है — जैव वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य (अर्नाल्ड गेसेल का परिपक्वन दृष्टिकोण और बॉल्बी-एन्सवर्थ का आसक्ति दृष्टिकोण, अद्भुत स्थिति प्रक्रिया तथा आसक्ति के चार प्रकार), जीवन-विस्तार परिप्रेक्ष्य (पॉल बेट्स का क्षतिपूर्ति माॅडल के साथ चयनात्मक अभीष्टमीकरण तथा जीवन-विस्तार विकास के सात लक्षण), जैव पारिस्थितिकी परिप्रेक्ष्य (यूरी ब्रोनफेनब्रेनर की सूक्ष्म प्रणाली, मध्य प्रणाली, बाह्य प्रणाली, वृहद् प्रणाली व काल प्रणाली), संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य (पियाजे के चार चरण, सूचना-प्रसंस्करण उपागम तथा विकासात्मक संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान उपागम), और सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य (वायगोत्स्की का यह विचार कि संस्कृति, भाषा व सामाजिक अंत:क्रिया चिंतन को आकार देती है)। CTET पेपर 1 गेसेल का आदर्श उपागम, एन्सवर्थ के आसक्ति प्रकार, ब्रोनफेनब्रेनर की प्रणालियाँ, पियाजे के चरण तथा वायगोत्स्की की संस्कृति की भूमिका — इन सब पर एकल-तथ्य व अनुप्रयोग प्रश्न नियमित रूप से पूछता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन पाँचों परिप्रेक्ष्यों के प्रत्येक नामित सिद्धांतकार, प्रमुख पारिभाषिक शब्द व कक्षा-कक्ष में निहितार्थ को CTET स्तर की गहराई व कठिनाई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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