विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा
इस अध्याय के बारे में
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा समावेशी शिक्षा का अध्याय है। यह अध्याय गति-अशक्तता, श्रवण-बाधिता, दृष्टि-बाधिता, बौद्धिक अशक्तता (intellectual disability), ऑटिज़्म, प्रमस्तिष्क पक्षाघात (cerebral palsy) तथा विशिष्ट अधिगम अशक्तता (specific learning disability) वाले बच्चों के अधिगम लक्षणों से शुरू होकर पाठ्यचर्या अनुकूलन एवं कक्षा-कक्ष प्रबंधन तक जाता है, जो प्राथमिक शिक्षक को अपनी कक्षा में करने होते हैं। इसमें अनुकूलन के चार मुख्य औज़ार — समायोजन (accommodation), आधुनिकीकरण (modification), विलोपन (omission), प्रतिस्थापन (substitution) एवं विस्तारण (expansion) — के साथ सामग्री अनुकूलन, मूल्यांकन अनुकूलन, अशक्त व्यक्ति अधिनियम 1995 (PWD Act), सर्व शिक्षा अभियान (SSA), भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI), प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) तथा भ्रमणशील शिक्षक (itinerant teacher) मॉडल समाहित हैं। समावेशी कक्षा-कक्ष की रणनीतियाँ — कागान का सहयोगात्मक अधिगम, सहपाठी शिक्षण (peer tutoring), TLM चयन, ICT, रैम्प व बैठक व्यवस्था — गंभीर/बहु-अशक्तता वाले बच्चों के लिए गृह आधारित शिक्षा (home-based education) तथा ब्रेल, श्रवण यंत्र, बड़ा प्रिंट, लेखक (scribe) व कक्षा X/XII बोर्ड परीक्षा में 30 मिनट अतिरिक्त समय — भी विस्तार से समझाए गए हैं। CTET पेपर I इस विषय की जाँच विशेष रूप से पहचान, समायोजन बनाम आधुनिकीकरण, परीक्षा छूट तथा समावेशन में शिक्षक की भूमिका पर परिदृश्य-प्रश्नों के माध्यम से करता है। चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — सभी छह विषय-धाराओं को CTET स्तर की गहराई पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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