विविध संदर्भों में अधिगम
इस अध्याय के बारे में
विविध संदर्भों में अधिगम — यह अध्याय CDP के 'अधिगम एवं शिक्षाशास्त्र' पाठ्यक्रम का वह भाग है जो प्राथमिक शिक्षक से कहता है कि वह केवल व्याख्यान-विधि पर निर्भर न रहे, बल्कि संदर्भ-आधारित चार अधिगम युक्तियों — सक्रिय अधिगम, अवलोकनात्मक अधिगम, परिस्थिति-जन्य अधिगम, सहयोगपूर्ण अधिगम — का प्रयोग करे और विद्यालय की चारदीवारी से बाहर भी अधिगम के अवसर बनाए। सक्रिय अधिगम वह है जिसमें शिक्षार्थी कुछ करते हुए और किए जा रहे कार्य के बारे में चिंतन करते हुए सीखता है (बान्वेल एवं एसन, 1991); इसकी तकनीकें हैं — विराम, परीक्षण एवं क्विज़, प्रदर्शन, समस्या-समाधान, भूमिका अभिनय, नाटक और समूह-आधारित अधिगम। अवलोकनात्मक अधिगम बान्दुरा के सामाजिक-संज्ञानात्मक सिद्धांत का परिणाम है — बच्चा प्रतिमान को देखकर अनुकरण से सीखता है; इसके चार तत्व हैं — अवधान, ठहराव, उत्पाद, प्रोत्साहन — जिन्हें बोबो डॉल प्रयोग से समझाया गया। परिस्थिति-जन्य अधिगम (जीन लेव एवं एटिन वेंगर, 1991) वैध परिधीय भागीदारी द्वारा 'कम्युनिटी ऑफ प्रैक्टिस' में अधिगम कराता है। सहयोगपूर्ण अधिगम व्यगोत्स्की के 'सामीप्य विकास के क्षेत्र (ZPD)' पर आधारित है और इसकी रणनीतियाँ हैं — युग्म साझा चिंतन, कैच अप, फिशबाउल वाद-विवाद, व्यष्टि अध्ययन व समूह-आधारित अधिगम। विद्यालय से बाहर अधिगम (रेज़निक, 1987; बैंक्स इत्यादि, 2007) आजीवन, जीवन-व्यापी एवं जीवन-गहन अधिगम देता है। CTET पेपर 1 इस अध्याय की परीक्षा परिभाषा-स्मरण (सक्रिय अधिगम, अवलोकनात्मक अधिगम, COP, ZPD), बान्दुरा के चार तत्व, सहयोगी एवं सहकारी अधिगम का अंतर, तथा शिक्षाशास्त्र-प्रश्न (कक्षा 3–5 की किस परिस्थिति में कौन-सी रणनीति) से लेता है। नीचे दिए चार टेस्ट इन छह विषयों को CTET स्तर पर जाँचते हैं।
इस अध्याय के टेस्ट
बुनियाद बनाएँ। एकल अवधारणा का स्मरण और सीधा अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → क्विज़ 15 प्रश्न 15 मिनटसमझ की जाँच। अध्याय भर में मिश्रित अनुप्रयोग।
टेस्ट शुरू करें → कठिन 15 प्रश्न 18 मिनटPYQ-स्तर। कथन-आधारित, अभिकथन–तर्क, दो-चरणीय समस्याएँ।
टेस्ट शुरू करें → निपुणता 30 प्रश्न 30 मिनटपूरे अध्याय का मॉक। मिश्रित कठिनाई, अन्य तीनों से बिना दोहराव।
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