पेपर 2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

विविध संदर्भों में समाजीकरण

75 प्रश्न · 4 अध्याय टेस्ट

इस अध्याय के बारे में

विविध संदर्भों में समाजीकरण वह मुख्य अध्याय है जो CTET पेपर II के CDP खंड का आधार है। यह समाजीकरण (socialization) को उस आजीवन अंतर्क्रिया-प्रक्रिया के रूप में परिभाषित करता है जिसके द्वारा बच्चा अपने सामाजिक समूह की आस्थाओं, मूल्यों, दृष्टिकोणों और आदतों को ग्रहण करता है। यह इसकी पाँच विशेषताएँ बताता है — बुनियादी अनुशासन स्थापित करना, व्यवहार पर नियंत्रण, अभिकरणों के बीच सौहार्द, औपचारिक व अनौपचारिक रूप, और एक सतत प्रक्रिया — तथा पाँच प्रकार समझाता है — प्राथमिक, द्वितीयक, विकासात्मक, पूर्वानुमानिक और पुनः समाजीकरण। फिर यह विविध संदर्भों में वृद्धि-अनुभवों को छूता है — परम्परागत व गैर-परम्परागत पारिवारिक ढाँचे, एकल अभिभावक, आवागमन (commuter) तथा सहवास परिवार, कम-आय व धनी परिवार, अभिभावक-बच्चे सम्बन्ध व चार पालन-पोषण शैलियाँ (अधिकारपूर्ण, सत्तावादी, अनुज्ञात्मक, लापरवाह), विपरीत परिस्थितियाँ (गरीबी, युद्ध-क्षेत्र, अनाथालय, प्रवासी मजदूर, निःशक्तता) और बालिका के रूप में वृद्धि — शहरी, ग्रामीण, जनजातीय व गन्दी बस्तियों में। अन्त में शिक्षक की सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन-कर्ता (agent of change) भूमिका रखी गई है। पेपर II — जिसमें परीक्षार्थी 11–14 वर्ष आयु-वर्ग के उच्च-प्राथमिक शिक्षक की भूमिका में होता है — इसी से परिभाषा, प्रकार-मिलान, पालन-पोषण-शैली परिदृश्य, परिवार-संरचना केस और शिक्षाशास्त्र-प्रश्न पूछता है। नीचे दिए चार टेस्ट — अभ्यास 15, क्विज़ 15, कठिन 15, निपुणता 30 — इन सभी पक्षों को CTET स्तर पर जाँचते हैं।

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